
बीते कई सप्ताह से देश भर में चल रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन और विपक्ष के आक्रोश और संसद से सड़क तर छात्रों की आवाज उठाए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ही दिन में दो बार संदेश जारी किए। गुरुवार सुबह एक्स पर एक टेक्स्ट मैसेज में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान तो देर रात वीडियो संदेश में पेपर लीक पर बिल लाने की घोषणा की है। लेकिन महीनों से चल रहे छात्रों के आंदोलन, संसद से चंद कदम दूर छात्रों पर की गई बर्बरता, विपक्षी नेताओं के साथ बदसुलूकी और सबसे बड़ी बात शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला।
देर रात जारी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के ख़िलाफ़ और भी सख़्त कदमों का फैसला लिया जाएगा।
संदेश की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि "पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और यह छात्र और अभिभावकों के लिए काफी पीड़ादायक है।" उन्होंने कहा कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार ने कई कदम उठाए हैं और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह थी कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। इसलिए कम से कम समय में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराने की व्यवस्था की गई। 19 तारीख को परीक्षा के नतीजे भी जारी कर दिए गए हैं और देशभर से सफल विद्यार्थियों की खुशी की खबरें सामने आ रही हैं।" पीएम मोदी ने कहा कि 'सरकार केवल इतनी कार्रवाई से संतुष्ट होने वाली नहीं है। उन्होंने बताया कि आज उन्होंने संबंधित विभागों को पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए थे। विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात इसका मसौदा तैयार कर उन्हें सौंप दिया है।
इससे पहले गुरुवार सुबह उन्होंने एक्स पर लिखा ता कि "देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"
धर्मेंद्र प्रधान पर चुप्पी, शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल
इसी बीच सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह राजस्थान कैडर के 1994 बैच के आईएएस नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया दया है। इसके अलावा केरल कैडर के 1995 बैच के आईएएस टीके अनिल कुमार को स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया।
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