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म्यांमार में खूंखार हुई सेना, एक दिन में 91 लोगों को मौत के घाट उतारा, विरोध करना बना गुनाह

म्यांमार में इस साल फरवरी में सेना द्वारा किए गए तख्तापलट के बाद से प्रदर्शन कर रहे लोगों का वहां लगातार दमन जारी है। ‘ऑर्म्ड फोर्सेस डे’ के मौके पर शनिवार को विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सेना ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर 91 लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

फोटोः @AmnestyThailand
फोटोः @AmnestyThailand 

म्यांमार में इस साल फरवरी में लोकतांत्रिक सरकार के तख्तापलट के बाद से वहां सेना के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों का दमन लगातार जारी है। लेकिन शनिवार को म्यांमार की सेना क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अकेले एक दिन में 91 91 प्रदर्शनकारियों को गोलियों से भून डाला। देश में तख्तापलट के बाद से जारी दमन की यह अब तक की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है।

म्यांमार में शनिवार को 'ऑर्म्ड फोर्सेस डे' मनाया जा रहा था। इस दौरान तख्तापलट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने यंगून, मांडले समेत अन्य कई कस्बों में शांतिपूर्वक रैली निकाली। लेकिन इसी बीच सेना ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी। स्थानीय मीडिया के अनुसार शाम तक सेना की कार्रवाई में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 91 तक पहुंच गई। इससे पहले 14 मार्च को सेना की कार्रवाई में 74 से 90 प्रदर्शनकारी मारे गए थे।

राजधानी यंगून में एक निगरानीकर्ता द्वारा शनिवार शाम को जारी मृतकों के आंकड़ों के मुताबिक देश के दो दर्जन से अधिक शहरों में हो रहे प्रदर्शन पर सैन्य कार्रवाई में शाम होने तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है। देर रात ततक मृतकों की संख्या में भारी इजाफा होने की संभावना है। मरने वाले ज्यादातर लोगों की मौत गोल लगने से हुई। ये सारी मौतें अलग-अलग शहरों में हुई हैं।

बता दें कि म्यांमार में फरवरी में सेना ने तख्ता पलट किया था और सत्ता पर नियंत्रण कर लिया था। सैन्य तख्तापलट के बाद से देश भर में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी देश की निर्वाचित सरकार को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पर सेना की कार्रवाई में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।

हालांकि, इतनी बड़ी दमनात्मक कार्रवाई के बाद भी सेना लहजा नहीं बदला है और उसने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को बीते दिनों हुई मौतों से सबक लेना चाहिए। उन्हें भी कभी भी गोली लग सकती है। सैन्य सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे नागरिक समूहों के एक प्रवक्ता ने कहा कि सेना के लिए आज 'ऑर्म्ड फोर्सेस डे' एक शर्मनाक दिन है। सेना के अधिकारी सैकड़ों लोगों की हत्या कर के भी जश्न मना रहे हैं।

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