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नोएडा में इंजीनियर की मौत पर राहुल गांधी का हमला, बोले- व्यवस्था का पतन, लेकिन कोई जवाबदेही नहीं

नोएडा में पानी से भरे गड्ढे में गिरकर एक इंजीनियर की मौत पर राहुल गांधी ने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में व्यवस्था का पतन हो चुका है और इसकी सबसे बड़ी वजह जवाबदेही का अभाव है, न कि संसाधनों या समाधान की कमी।

फोटोः @INCIndia
फोटोः @INCIndia 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे एक गड्ढे में डूब कर एक इंजीनियर की मौत होने की घटना को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि शहरी इलाकों में व्यवस्था के पतन का मुख्य कारण जवाबदेही नहीं होना है।

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राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया,

"सड़कें जान ले रही हैं, पुल जान ले रहे हैं, आग जान ले रही है, प्रदूषण जान ले रहा है, भ्रष्टाचार मार रहा है, उदासीनता मार रही है। भारत का शहरी स्तर पर पतन का कारण धन, प्रौद्योगिकी या समाधान की कमी नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही के अभाव के कारण है।"

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा,

"टीना : देयर इस नो अकाउंटेबिलिटी (कोई जवाबदेही नहीं है)।"

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ये मामला क्या है?

बीते शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट से अधिक गहरे पानी से भरे एक गड्ढे में एक कार के गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई।

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मामले में ताजा अपडेट:

नामजद बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार

इंजीनियर की मौत के मामले में कार्रवाई करते हुए नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी एमजेड विश्टाउन का मालिक है। नालेज पार्क थाना पुलिस ने गिरफ्तारी की है।

नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटाया गया

नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने युवराज मेहता की मौत के मामलों में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया है और आदेश दिया है कि इस घटना की विशेष जांच टीम (SIT) बने, जो अगले पांच दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपे।

SIT में उच्च अधिकारी, PWD इंजीनियर और डिवीज़नल कमिश्नर शामिल होंगे, ताकि हादसे के परेसत कारणों का गहन विश्लेषण हो सके और जवाबदेही तय की जा सके।

FIR दर्ज की गई

पुलिस ने दो रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियों, विशटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स  के खिलाफ ने लापरवाही/घटनास्थल पर सुरक्षा न रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। इस FIR के तहत “घटनास्थल की सुरक्षा उपायों में कमी” को मौत का कारण माना गया है।

स्थानीय नागरिकों की नाराजगी और आरोप

कुछ स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि इसी जगह पहले भी पानी जमा होने की शिकायतें प्रशासन को दी गई थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। यह सवाल उठ रहा है कि पहले से चेतावनी भरे कुछ संकेत क्यों नहीं लगाए गए।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवराज की मौत डूबने/अस्फ़िक्सिया के चलते हुई, यानी पानी में डूबने से। इससे पुष्टि होती है कि यह किसी अन्य बाहरी चोट नहीं थी, बल्कि जीवन रक्षक उपायों के अभाव का परिणाम था।

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