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इंदौर के भागीरथपुरा में 36 मौतों के बाद हटाए गए अधिकारी को बनाया कलेक्टर, जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार को घेरा

जीतू पटवारी ने कहा कि भागीरथपुरा के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बीजेपी सरकार पहले यह बताए कि जांच आयोग की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई और संबंधित अधिकारी को कलेक्टर बनाने से पहले किन तथ्यों पर विचार किया गया।

इंदौर के भागीरथपुरा में 36 मौतों के बाद हटाए गए अधिकारी को बनाया कलेक्टर, जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार को घेरा
इंदौर के भागीरथपुरा में 36 मौतों के बाद हटाए गए अधिकारी को बनाया कलेक्टर, जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार को घेरा फाइल फोटो

मध्य प्रदेश में देर रात 23 आईएएस अफसरों के तबादले

रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बनाने पर सवाल

सिसोनिया को भागीरथपुरा कांड के बाद हटाया गया था

जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर उठाया सवाल

मध्य प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल और इंदौर मे रहे एक अधिकारी को रायसेन का कलेक्टर बनाए जाने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि जिस अधिकारी को भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 36 लोगों की मौत के बाद हटाया गया था, उन्हें रायसेन का कलेक्टर बना दिया गया है।

देर रात को 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले

दरअसल राज्य में मंगलवार देर रात को 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं जिसमें 11 कलेक्टर भी शामिल हैं। राज्य के लिहाज से यह बड़ी प्रशासनिक सर्जरी है क्योंकि मुख्यमंत्री सचिवालय में भी नई तैनाती हुई है। राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में हुए फेरबदल के चलते रश्मि अरुण शमी को एसीएस स्वास्थ्य, सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव, भारत यादव को जनसंपर्क विभाग का सचिव बनाया गया है।

भागीरथपुरा में 36 मौतों के बाद हटाए गए थे सिसोनिया

इन तबादलों पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि देश की पहली वाटर प्लस सिटी इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की त्रासदी में 36 लोगों की मौत हुई इस आपराधिक घटना के बाद हटाए गए प्रशासनिक अधिकारी रोहित सिसोनिया को मोहन सरकार ने रायसेन कलेक्टर बना दिया है।

पीड़ित परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा में

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि भागीरथपुरा के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार पहले यह बताए कि जांच आयोग की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई और संबंधित अधिकारी को कलेक्टर बनाने से पहले किन तथ्यों पर विचार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में तबादलों की पारदर्शिता पर पहले से सवाल उठ रहे हैं।

जवाबदेही के बजाय जुगाड़ को प्राथमिकता

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ट्रांसफर उद्योग अब ट्रांसफर फैक्ट्री बन चुका है? महत्वपूर्ण पदस्थापनाओं में जवाबदेही के बजाय जुगाड़ को प्राथमिकता दी जा रही है। करप्शन-कमीशन के आरोप भी सबूत के रूप में सामने आते जा रहे हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि भागीरथपुरा के पीड़ितों को न्याय दीजिए। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कीजिए और जिम्मेदारी तय कीजिए।