
राहुल गांधी के आवास पर हाई-टी पर जुटे विपक्षी नेता
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र पर हमला बोला
देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
आंदोलन को मिलकर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई
वोट चोरी और चुनावी धांधली के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं, सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के लिए संघर्ष और प्रतिरोध जारी रहेगा और संविधान और चुनाव प्रणाली को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों को ‘‘न्याय का सामना’’ करना होगा।
अपने आवास पर हाई-टी पर विपक्षी नेताओं और सिविल सोसाइटी के सदस्यों के साथ बैठक के बाद साझा प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा, हम सब एक साथ खड़े हैं। कोई पैरेलल प्रोटेस्ट नहीं हैं, सिर्फ़ एक ही प्रोटेस्ट है जिसका एक ही मिशन है: भारत में डेमोक्रेसी को वापस लाना। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेसी खत्म कर दी गई है, इलेक्शन सिस्टम को कमज़ोर किया गया है, और संविधान को तोड़-मरोड़ दिया गया है। हम डेमोक्रेटिक राज को वापस लाने के लिए मिलकर लड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट पर रोक लगा दी है, जो डेमोक्रेटिक एक्सप्रेशन का एक प्लैटफ़ॉर्म है। हम इस फ़ैसले को चैलेंज करेंगे। मोदी इसके मेन आर्किटेक्ट हैं, अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं, और ज्ञानेश कुमार और दूसरे लोग इसमें शामिल हैं। उन्हें समझना चाहिए कि उनके चारों ओर जाल सिकुड़ रहा है। वे संविधान को खत्म करके बच नहीं सकते।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कल, आपने सिर्फ़ पॉलिटिकल पार्टियों को ही नहीं, बल्कि भारत के लोगों को भी एक एक्सप्रेशन करते देखा। हम दिल्ली के लोगों और भारत के लोगों को हमारे साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद देते हैं। हम डेमोक्रेटिक प्रोसेस को वापस लाने के लिए आखिर तक लड़ने के लिए कमिटेड हैं। राहुल गांधी ने कहा, "यह हमारा आपसे वादा है कि जिन लोगों ने यह किया है, मिस्टर मोदी, मिस्टर शाह, मिस्टर ज्ञानेश कुमार, वह महिला जो अभी देहरादून में छिपी हुई है, और बाकी दूसरों को भी सज़ा मिलेगी।" हम रुकने वाले नहीं हैं, हम अंतिम लक्ष्य. तक जाएंगे। पिछले कुछ दिनों में हमने जिस ताकत और एकजुटता के साथ काम किया है, वह हम करते रहेंगे और साथ मिलकर अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे।
राहुल गांधी ने कहा, "मैंने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'दृढ़ता' शब्द का इस्तेमाल किया था कि हमारी यह टीम रुकने वाली नहीं है। देर-सवेर, चाहे कल हो, परसों हो, तीन महीने में हो, छह महीने में हो, एक साल में हो, या दो साल में हो, यह नहीं रुकेगी। यह अपने आखिरी लक्ष्य तक पहुंचेगी। मैं आपको ठीक-ठीक नहीं बता सकता कि हम वहां कैसे पहुंचेंगे, क्योंकि इससे सरप्राइज खराब हो जाएगा, और हम आपके और देश के लिए उत्साह और सरप्राइज की भावना बनाए रखना चाहते हैं। लेकिन मैं आपको गारंटी देता हूं कि जैसे हम जुटे थे- इतनी एनर्जी, ताकत और एकता के साथ- हम उसी भावना से एक साथ लड़ते रहेंगे।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में वोट चोरी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया- हम सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया और इंडियन ज्यूडिशियल सिस्टम का बहुत सम्मान करते हैं; उनका एक रोल है, और हम उम्मीद करते हैं कि वे इसे निभाएंगे। हालांकि, हम पॉलिटिकल लोग हैं; चाहे कुछ भी हो जाए, या कोई भी इंस्टीट्यूशन अपना रोल निभाए या न निभाए, पॉलिटिकल विरोध जारी रहेगा, लोगों का विरोध जारी रहेगा, और यह जीतेगा।"
इसस पहले राहुल गांधी के आवास पर आयोजित चाय पार्टी के बाद विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन को मिलकर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा, "आपने पिछले चार दिनों में इंडिया अलायंस की कोशिशों की ज़बरदस्त कामयाबी देखी है; राहुल जी और दूसरे नेताओं ने जनता के मुद्दों को बहुत गंभीरता और लगन से उठाया। इतनी बड़ी संख्या में लोग शायद ही कभी आए हों। दिल्ली में यह पहली बार है कि युवा और नागरिक पूरी तरह से अपनी पहल पर एक साथ आए हैं। आपने यह देखा है, इसलिए मैं और ज़्यादा डिटेल में नहीं बताना चाहता। अब हर कोई पीएम मोदी के वोट चुराने के प्लान को पूरी तरह से एक्सपोज़ करने के लिए तैयार है।"
राहुल गांधी के आवास ‘5 सुनहरी बाग रोड’ पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, जेएमएम की महुआ माझी, छात्र नेता नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद रहे।