
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2022 तक 'आय दोगुनी' करनी थी, लेकिन 'यातना दोगुनी' कर दी। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि
PM ‘किसान उत्पीड़न’ योजना:
- शहीद किसानों को मुआवज़ा नहीं
- किसान आत्महत्या के आंकड़ें नहीं
- 'मित्रों' के कर्ज़ माफ़, किसानों के नहीं
- ‘सही MSP’ का झूठा वादा
- फसल बीमा के नाम पर इंश्योरेंस कंपनियों को ₹40,000 Cr का फायदा
2022 तक करनी थी 'आय दोगुनी', कर दी 'यातना दोगुनी'
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सैन्य भर्ती योजना 'अग्निपथ' को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "प्रयोगशाला" के इस "नए प्रयोग" के कारण देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य खतरे में है।
राहुल गांधी ने कहा था, 60,000 सैनिक हर साल रिटायर होते हैं, उनमें से सिर्फ 3000 को सरकारी नौकरी मिल रही है। 4 साल के ठेके पर हजारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? प्रधानमंत्री की प्रयोगशाला के इस नए एक्सपेरिमेंट से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य दोनों खतरे में हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों मोदी सरकार द्वारा MSP को प्रभावी बनाने समेत खेती से जुड़े अन्य विषयों को लेकर बनाई गई कमिटी से असंतुष्ट संयुक्त किसान मोर्चा ने कमेटी का बहिष्कार करने का एलान कर दिया था। किसान मोर्चा कमेटी ने साफ कर दिया है कि उसके प्रतिनिधि एमएसपी कमेटी में शामिल नहीं होंगे। योगेंद्र यादव ने अपने बयान में कहा था जिसका डर था वही हुआ, सरकारी कमेटी के नाम पर किसानों की आंख में धूल झोंकने की कोशिश की गई है।
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