
कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य में बार-बार हो रही हिंसा संवेदनशील मुद्दों से निपटने में राज्य और केंद्र सरकार की विफलता का परिणाम है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र और मणिपुर सरकार अपनी संवैधानिक शक्तियों का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं इसलिए राज्य में बार-बार हिंसा हो रही है।
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कांग्रेस की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने चर्च के तीन पदाधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ओ. इबोबी सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम इन हत्याओं की कड़ी निंदा करते हैं। बुधवार सुबह एक समुदाय के तीन लोगों की हत्या कर दी गई, जबकि शाम को दूसरे समुदाय के एक नागरिक की जान ले ली गई, जो पहली घटना के प्रतिशोध जैसा प्रतीत होता है।”
तीन बार मणिपुर के मुख्यमंत्री रह चुके इबोबी सिंह ने सवाल किया, “राज्य में लगातार हो रही हत्याओं पर केंद्र सरकार कब तक मूकदर्शक बनी रहेगी। ऐसा लगता है मानो राज्य को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है और विभिन्न समुदायों को एक-दूसरे की हत्या करने की खुली छूट मिल गई है।”
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उन्होंने 2023 में हुई जातीय हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा, “उच्चतम न्यायालय भी पहले कह चुका है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।”
कांग्रेस नेता ने कहा, “ विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा एक-दूसरे की हत्या करना किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। अब प्रतिशोध की भावना छोड़ने का समय आ गया है।” उन्होंने एक बार फिर कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
सिंह ने कहा, “सरकार को मिली संवैधानिक शक्तियों का सही तरीके से इस्तेमाल न तो राज्य सरकार कर रही है और न ही केंद्र सरकार। मेरा मानना है कि यही अशांति की मुख्य वजह है।”
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