
योगी सरकार के लगातार दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। इस बार बिजनौर के जिला अस्पताल से एक सफाई कर्मी का मरीजों का इलाज करते हुए वीडियो वायरल हुआ है। पता चला है कि अस्पताल में 42 डॉक्टरों के स्टाफ होने के बाद भी सफाईकर्मी मरीजों का इलाज कर रहा है।
दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय बिजनौर जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि अस्पताल का एक सफाई कर्मी नितिन कुमार वार्ड में भर्ती मरीज को लगी ड्रिप में इंजेक्शन लगा रहा है। इस घटना के सामने आने पर सफाई कर्मी को वार्ड से हटाकर जांच कराने की बात कही जा रही है।
मामले के तूल पकड़ने पर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राधेश्याम वर्मा ने कहा कि वीडियो वायरल होने बाद मामला संज्ञान में आया है। सफाई कर्मी को तत्काल वार्ड से हटा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से साफ पता चल रहा है कि मरीज के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना सतर्क है। समाजसेवी मुनीश त्यागी ने कहा कि बिजनौर जिला सरकारी अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लापरवाही बरतने वाले विभाग के अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करे।
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