
युवा कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर पाबंदी के खिलाफ मार्च निकाला
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का अधिकार बहाल करने की मांग
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और हिरासत में लिया
युवा कांग्रेस ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया
भारतीय युवा कांग्रेस ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च निकाला। पुलिस ने संसद मार्ग थाने के निकट प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में ‘जंतर-मंतर वापस लाओ’ अभियान के तहत यह मार्च पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से शुरू हुआ और जंतर-मंतर की ओर बढ़ा। चिब ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर देश की जनता का है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक स्वतंत्रताओं का प्रतीक है। नागरिकों को बिना किसी डर या मनमाने प्रतिबंध के अपनी चिंताएं उठाने का अधिकार मिलना चाहिए।’’
भारतीय युवा कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख वरुण पांडेय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस की युवा इकाई ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र का मूल सिद्धांत है और नागरिकों को अपनी चिंताएं उठाने के लिए निर्धारित सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच मिलनी चाहिए।
भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए उपलब्ध कराने की उसकी मांग को लेकर अभियान लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा। युवा कांग्रेस ने कहा कि पुलिस द्वारा रोके जाने से और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने से हम डरने वाले नहीं हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का अधिकार बहाल करने के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
दरअसल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन तेज होने और कांग्रेस के लगातार प्रदर्शन के बीच अचानक दिल्ली पुलिस ने एक आदेश जारी कर जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। अब दिल्ली में केवल तीन जगह ही लोगों को प्रदर्शन करने की अनुमति होगी। दिल्ली पुलिस के इस कदम पर चौतरफा सवाल उठ रहे हैं।
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