'मोदी सरकार की विदेश नीति एक Wild Pendulum की तरह, देश को हो रहा नुकसान', खड़गे ने उदाहरण के साथ PM को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष ने चीनी कंपनियों पर बैन हटाने वाली खबर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों को लेकर शुक्रवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने विदेश नीति को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं।
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विदेश नीति को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने चीनी कंपनियों पर बैन हटाने वाली खबर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों को लेकर शुक्रवार को पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश को झुकने नहीं देने का दावा करते हैं लेकिन जो हो रहा है वो बिल्कुल उसका उल्टा है।

मोदी सरकार के विदेश नीति पर सवाल

दरअसल खड़गे का बयान उस खबर के बाद आया है जिसमें मोदी सरकार द्वारा चीनी कंपनियों पर लगे बैन हटाए जाने की बात कही गई है। राज्यसभा में नेता प्रतिपत्र खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि, दावा "मैं देश नहीं झुकने दूंगा” का था लेकिन, आज जो हो रहा है, वो बिलकुल उसका उल्टा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, "5 साल से लगा चीनी कंपनियों पर बैन हटाया जा रहा है। गलवान में भारतीय वीर सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान तो मोदी जी चीन को क्लीन चिट थमाकर किया था। अब चीनी कंपनियों के लिए “लाल कार्पेट” बिछाकर, वो ये दिखा रहे हैं कि उनकी “लाल आँख” में चीनी “लाल रंग” कितना गहरा है।"


खड़गे ने मोदी सरकार के विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रोज़ाना भारत द्वारा रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहें हैं। पर मोदी जी चुप हैं। अपनी नज़रें चुरा रहे हैं। “सर” वाली बात “सरेंडर” ज़्यादा दिखती है।"

उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, "हमारे लिए विदेश नीति मतलब, राष्ट्र हित सर्वोपरि होना ज़रूरी है। पर मोदी सरकार ने हमारी Non-Aligned (तटस्थ) और Strategic Autonomy (रणनीतिक स्वायत्तता) की विदेश नीति को गहरी चोट पहुंचाई है। मोदी सरकार की विदेश नीति एक Wild Pendulum (जंगली पेंडुलम) की तरह कभी इधर, कभी उधर झुलती है और इसका नुक़सान भारत की जनता को हो रहा है।"

चीन नीति पर मोदी सरकार का "यू-टर्न’’

इससे पहले कांग्रेस ने भी चीनी कंपनियों से बैन हटाने वाली खबर को लेकर एक पोस्ट किया था। कांग्रेस ने शुक्रवार को एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि मोदी सरकार अब चीनी कंपनियों पर लगे पांच साल पुराने प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव रख रही है, ताकि वे भारतीय सरकारी ठेकों के लिए बोली लगा सकें।

विपक्षी दल ने यह भी दावा किया कि यह कदम चीनी आक्रामकता के सामने एक ‘‘सोची-समझी आत्मसमर्पण नीति’’ से कम नहीं है।

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान चीन नीति पर अपनी सरकार के अचानक लिए गए इस ‘‘यू-टर्न’’ के बारे में स्पष्टीकरण दें।


कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि भारत का वित्त मंत्रालय सरकारी ठेकों के लिए बोली लगाने वाली चीनी कंपनियों पर पांच साल पुराने प्रतिबंधों को समाप्त करने की योजना बना रहा है।

इन दावों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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