खड़गे ने इंदौर में हुई मौतों पर चुप्पी को लेकर पीएम मोदी को घेरा, कहा- हमेशा की तरह इस बार भी मौन हैं
खड़गे ने कहा कि यह वही इंदौर शहर है जिसने केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीता है। ये शर्मनाक बात है कि यहां पर बीजेपी के निकम्मेपन के चलते लोग साफ पानी के मोहताज हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण कई लोगों की मौत की घटना पर पीएम मोदी की चुप्पी पर निशाना साधा है। खड़गे ने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हमेशा की तरह इस मामले पर भी मौन हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जल जीवन मिशन समेत, हर योजना में भ्रष्टाचार और धांधली हो रही है।
खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाले नरेन्द्र मोदी जी, हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं। यह वही इंदौर शहर है जिसने केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीता है। ये शर्मनाक बात है कि यहां पर बीजेपी के निकम्मेपन के चलते लोग साफ पानी के मोहताज हैं।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि 11 साल से देश केवल लंबे-चौड़े भाषण, झूठ-प्रपंच, खोखले दावे, डबल-इंजन की डींगें सुन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘जब मंत्री जी से सवाल पूछा जाता है तो वो गाली-गलौज पर उतर आते हैं। सत्ता के अहंकार में उल्टा पत्रकार पर हावी हो जाते हैं। बीजेपी सरकारों के कुशासन पर पूरी मशीनरी पर्दा डालने में जुट जाती है।’’
खड़गे ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन समेत, हर योजना में भ्रष्टाचार और धांधली है। उन्होंने कहा, ‘‘याद दिलाना जरूरी है कि इस मिशन के तहत जल जीवन मिशन का 10 प्रतिशत धन दूषित पानी को साफ करने के लिए दिया जाता है।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार और बीजेपी ने ना देश को साफ पानी मुहैया कराया है और ना ही स्वच्छ हवा। आम जनता भुगत रही है।’’
बता दें कि इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार हैं। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप से छह माह के बच्चे समेत 14 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है।
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