जब ‘पकौड़े तलना’ नहीं बन पाया रोजगार तो आंकड़े छिपा रही है मोदी सरकार: चिदंबरम

केंद्र की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि देश की विकास दर में 1.5 फीसदी की कमी आई है, जैसा की हमने पहले ही इसकी आशंका जताई थी। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति बढ़ रही है, रेपो दर में वृद्धि इसका सबसे बड़ा सबूत है।

फोटो: सोशल मीडिया
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है। प्रेस को संबोधित करते हुए पी चिदंबरम ने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। उन्होंने कहा, “देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिए मोदी सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। केंद्र की गलत नीतियों की वजह से देश को नुकसान हो रहा है।”

पी चिदंबरम ने कहा, “देश की विकास दर में 1.5 फीसदी की कमी आई है। जैसा की हमने पहले ही इस बात की आशंका जताई थी। नोटबंदी और जीएसटी से देश को काफी नुकसान पहुंचा है। जीएसटी की वजह से कारोबारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। मुद्रास्फीति बढ़ रही है। रेपो दर में वृद्धि इसका सबसे बड़ा सबूत है।” उन्होंने आगे कहा, “तमिलनाडू सरकार ने माना है कि 50 हजार एसएमई इकाइयां बंद हो गई हैं। मई 2018 का आरबीआई का कन्ज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे के मुताबिक, 48 फीसदी लोग मानते हैं कि देश की आर्थिक स्थिति बदतर हुई है।”

देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए चिदंबरम ने कहा, “देश में बेरोजगारी चरम पर है। श्रम ब्यूरो का तिमाही सर्वेक्षण ही एकमात्र विश्वसनीय आंकड़ा होता है। मैं पूछना चाहता हूं कि अक्टूबर-दिसंबर 2017 के श्रम ब्यूरो सर्वेक्षण को जारी क्यों नहीं किया गया?” उन्होंने कहा, “देशभर के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले युवा परेशान हैं। क्योंकि, उन्हें पता है कि ग्रेजुएशन करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। अब तक किसी ने भी उस ‘नये विचार’ को नहीं अपनाया, जिसके तहत ‘पकौड़ा तलना’ भी एक नौकरी है।” बता दें कि एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने पकौड़ा तलने को भी रोजगार की श्रेणी में बताया था। पीएम मोदी द्वारा दिए गए उसी बयान पर पी चिंदबरम ने टिप्पणी की।

पी चिदंबरम ने किसानों के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किसानों को लागत पर 50 फीसदी मुनाफा देने की बात कहना एक जुमला था।

उन्होंने कहा, “देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसे लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। मई-जून, 2014 में जो कीमतें थीं, उसके मुकाबले आज कीमतें अधिक होने की कोई वजह नहीं है।” चिदंबरम ने कहा कि अगर पेट्रोल को जीएसटी के तहत लाया जाए तो कीमतें काफी कम हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और 19 राज्यों में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद वे कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

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Published: 11 Jun 2018, 12:23 PM