महाराष्‍ट्र में गरमाया पेपर लीक का मुद्दा, नवी मुंबई में MPSC सेक्रेटरी के चेहरे पर पोती गई काली स्याही

एमपीएससी चेयरमैन विवेक भीमन्वार के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे राज्य में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को नवी मुंबई में संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने एमपीएससी सेक्रेटरी महेंद्र हरपालकर के चेहरे पर काली स्याही पोत दी।

नवी मुंबई में MPSC सेक्रेटरी के चेहरे पर पोती गई काली स्याही
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महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की खाद्य एवं औषधि प्रशासन (पीडीए) परीक्षा का पेपर लीक होने से जुड़ा विवाद काफी बढ़ गया है। एमपीएससी चेयरमैन विवेक भीमन्वार के इस्तीफे की मांग को लेकर पूरे राज्य में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को नवी मुंबई में संभाजी ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने एमपीएससी सेक्रेटरी महेंद्र हरपालकर के चेहरे पर काली स्याही पोत दी।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जो पुणे और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख केंद्रों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बढ़ते गुस्से को दिखाता है।

इस हरकत को सही ठहराते हुए संभाजी ब्रिगेड के राज्य प्रवक्ता संतोष शिंदे ने कहा कि यह विरोध 25 लाख एमपीएससी उम्मीदवारों और महाराष्ट्र के 12 करोड़ नागरिकों की निराशा को दर्शाता है।

शिंदे ने कहा, "एमपीएससी अधिकारी महेंद्र हरपालकर पर स्याही पोतना और उन्हें थप्पड़ मारना इस भ्रष्ट सिस्टम और नाकाबिल सरकार को जनता की ओर से सीधे थप्पड़ मारने जैसा है।"


घटना पर रोहित पवार की प्रतिक्रिया

एमपीएससी सेक्रेटरी पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने छात्रों के गुस्से को तो माना, लेकिन अपनी पार्टी को इस हिंसक हरकत से अलग रखा।

उन्होंने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि एमपीएससी चेयरमैन और सेक्रेटरी ने पेपर लीक और भ्रष्टाचार के जरिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और छात्रों में बहुत ज्यादा गुस्सा है, हालांकि हमारा विरोध संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान बहुत शक्तिशाली है और हम निश्चित रूप से इसके जरिए सफल होंगे। संवैधानिक रास्ता ही सही रास्ता है। हम किसी पर स्याही फेंकने जैसी हरकतों का कभी समर्थन नहीं करते।"

विजय वडेट्टीवार ने क्या कहा?

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के सेक्रेटरी का चेहरा काला करने की घटना, राज्य सरकार के प्रति लाखों छात्रों और अभिभावकों की गहरी नाराजगी और गुस्से का नतीजा है।

उन्होंने कहा, "हम इस हिंसा का समर्थन नहीं करते। किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए, लेकिन सरकार को अब इस घटना को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसे गुस्से के फूटने का इंतजार नहीं करना चाहिए। छात्रों की मांगों और भावनाओं को नजरअंदाज करना सरकार के लिए महंगा पड़ सकता है। इसलिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, वरना जनता का यह गुस्सा और बढ़ेगा।"


पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन

हाल में पेपर लीक के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली, पटना, रांची और महाराष्ट्र के कई शहरों में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले लंबे आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं बिहार की राजधानी पटना में भी पेपर लीक के खिलाफ छात्र सड़क पर उतर चुके हैं। वहीं, महाराष्ट्र के कई शहरों में छात्रों का प्रदर्शन अब भी चल रहा है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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