'जनता चाहती है रिजीम चेंज, आपके जाने का समय गया है', कपिल सिब्बल का राजनाथ सिंह पर पलटवार

राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर एक दिन पहले कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा था।

'जनता चाहती है रिजीम चेंज, आपके जाने का समय गया है', कपिल सिब्बल का राजनाथ सिंह पर पलटवार (फोटो: सोशल मीडिया)
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  • कपिल सिब्बल ने कांग्रेस पर ‘सत्ता परिवर्तन’ की कोशिश करने संबंधी केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के आरोप पर शनिवार को पलटवार किया।

  • सिब्बल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि जनता चाहती है।

  • राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कहा कि अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है।

राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने कांग्रेस पर ‘सत्ता परिवर्तन’ की कोशिश करने संबंधी केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के आरोप पर शनिवार को पलटवार किया। सिब्बल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि जनता चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है।

राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?

राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को लेकर एक दिन पहले कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा था। सिंह ने आरोप लगाया था कि ये दल बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं और अराजकता फैलाने के लिए युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि लोकतंत्र किसी को भी अराजकता फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का अधिकार नहीं देता।


सिब्बल ने राजनाथ सिंह से क्या कहा?

कपिल सिब्बल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “राजनाथ सिंह जी, आप आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर ‘सत्ता परिवर्तन’ चाहती है। ऐसा नहीं है। जनता ‘सत्ता परिवर्तन’ चाहती है।”

निर्दलीय सांसद ने कहा, “ ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत’ के नारे के साथ हुए प्रदर्शनों ने आपको सत्ता तक पहुंचाया था। इसके बाद आपने भ्रष्टाचार को गले लगा लिया, संस्थाओं पर कब्जा कर लिया और मतदाता सूची में हेरफेर की। अब जाने का समय आ गया है!”

पवन खेड़ा का पलटवार 

पवन खेड़ा ने भी राजनाथ सिंह के 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि 2014 से पहले बीजेपी भी यही चाहती थी। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शब्दों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष का काम कमियों को उजागर करना, विरोध करना और संभव हो तो सरकार को सत्ता से हटाना है।

पीटीआई के इनपुट के साथ