जुलाई में ग्रामीण रोजगार में लगभग 50% की गिरावट, खड़गे बोले- मोदी सरकार ने सिर्फ युवाओं पर नहीं, मजदूरों पर भी लाठी चलाई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि मोदी सरकार में मनरेगा को खत्म कर करोड़ों परिवारों से ‘‘काम का अधिकार’’ छीना गया और इसके बदले वीबी-जी राम जी योजना लागू की गई, जिससे 50 प्रतिशत मजदूरों का रोजगार खत्म हो गया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर उसके स्थान पर विकसित भारत -जी राम जी योजना थोपकर गरीब मजदूरों की ‘‘न्यूनतम आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा’’ छीन ली है।

खड़गे का मोदी सरकार पर आरोप 

खड़गे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बीजेपी ने केवल युवाओं पर ही नहीं, बल्कि देश के मेहनतकश मजदूरों पर भी लाठी चलाई है।

उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार में मनरेगा को खत्म कर करोड़ों परिवारों से ‘‘काम का अधिकार’’ छीना गया और इसके बदले वीबी-जी राम जी योजना लागू की गई, जिससे 50 प्रतिशत मजदूरों का रोजगार खत्म हो गया।


कांग्रेस अध्यक्ष का सरकार से सवाल 

कांग्रेस अध्यक्ष ने एक खबर का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से सवाल किया कि राज्यों को मनरेगा के 17,144 करोड़ रुपये के बकाया कोष का भुगतान किया गया है या नहीं।

उन्होंने सूखाग्रस्त राज्यों को दी गई मदद पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि खरीफ फसल की बुआई में 26.50 प्रतिशत की कमी आई है और पूछा कि क्या सरकार को इसकी कोई चिंता है।

खड़गे ने यह भी सवाल किया कि वीबी-जी राम जी योजना के वित्त पोषण पर, जिसको लेकर बीजेपी शासित राज्यों ने पुनर्विचार की मांग की थी, केंद्र सरकार ने कोई कदम उठाया है या नहीं?

उन्होंने आरोप लगाया, "जब देश के गरीब मजदूरों को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है, तब मोदी सरकार उनकी ‘‘न्यूनतम आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा’’ छीनकर उनका उपहास उड़ा रही है।"


VB-G RAM G योजना: पहले ही महीने में ग्रामीण रोजगार में लगभग 50% की गिरावट

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक नई ग्रामीण रोजगार योजना के तहत रोजगार सृजन में जुलाई में पिछले साल के मुकाबले 49.94 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सरकार ने 1 जुलाई से करीब 20 साल पुरानी मनरेगा की जगह नई योजना ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ लागू की है।

9 अगस्त तक के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई 2026 में वीबी-जी राम जी योजना के तहत केवल 7.67 करोड़ मानव-दिवस सृजित किए गए थे। इसके मुकाबले, जुलाई 2025 में मनरेगा के तहत 15.33 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार दिया गया था। यानी एक साल में रोजगार के अवसर करीब 50 प्रतिशत कम हो गए।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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