हाईकोर्ट ने सहारनपुर मस्जिद पर यूपी सरकार से मांगा जवाब, जुर्माना वसूली के आदेश पर भी रोक
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 12 अक्टूबर तय की और तब तक के लिए 6.41 करोड़ रुपये जुर्माने की वसूली पर रोक लगा दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एक मस्जिद को हटाए जाने के खिलाफ दायर एक रिट याचिका पर राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।
जुर्माने की वसूली पर रोक
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने इस मामले में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय देते हुए सुनवाई की अगली तारीख 12 अक्टूबर तय की और तब तक के लिए 6.41 करोड़ रुपये जुर्माने की वसूली पर रोक लगा दी।
क्या है पूरा मामला
भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत अधिवक्ता मोहम्मद तनवीर अहमद द्वारा दायर इस याचिका में सहारनपुर के नगर मजिस्ट्रेट द्वारा 16 जुलाई, 2026 को जारी आदेश और सहारनपुर के जिला न्यायाधीश द्वारा दो सितंबर, 2026 को जारी आदेश को चुनौती दी गई है।
इस रिट याचिका में सहारनपुर के जिला मजिस्ट्रेट के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार और कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद के मौलवी अब्दुल हमीद को प्रतिवादी पक्षकार बनाया गया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों द्वारा पारित आदेश उनके न्याय एवं अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
सहारनपुर के नगर मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई, 2026 को पारित आदेश के तहत परिसर खाली करने और 6.41 करोड़ रुपये जुर्माना भरने का आदेश पारित किया था।
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की गई थी जिसे जिला न्यायाधीश द्वारा दो सितंबर, 2026 को खारिज कर दिया गया। जिला न्यायाधीश के आदेश के बाद अधिकारियों ने पांच सितंबर को सुबह कलेक्ट्रेट परिसर में 315 वर्ग मीटर में बनी मस्जिद को वहां से हटा दिया था।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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