यहां जितने लोग कोरोना से नहीं मरे, उससे कहीं ज्यादा लॉकडाउन में पुलिस ने ली जान!

अमेरिका के कुछ शहरों से भी लॉकडाउन के विरोध की खबरें आ रही हैं। यहां लोगों ने सड़क पर उतरकर लॉकडाउन का विरोध किया है। लेकिन नाइजीरिया में लॉकडाउन को लेकर 18 लोगों की जान चली गई है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कोरोना वायरस से बचाव के लिए अब तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो पाया है। हालांकि दुनियाभर के वैज्ञानिक इसमें लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक किसी ने दावे के साथ ये नहीं कहा है कि कोरोना वायरस का वैक्सीन तैयार हो गया है जो शत प्रतिशत कारगर है। इसलिए जहां भी यह वायरस फैला है, वहां लॉकडाउन किया गया है। फिलहाल लोगों को इस वायरस से बचाने के लिए लॉकडाउन ही सबसे कारगर तरीका माना जा रहा है। हालांकि कुछ लोग लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे और घरों से बाहर निकल रहे हैं। कई जगह इसका विरोध भी हो रहा है। अमेरिका के कुछ शहरों से भी लॉकडाउन के विरोध की खबरें आ रही हैं। यहां लोगों ने सड़क पर उतरकर लॉकडाउन का विरोध किया है। लेकिन नाइजीरिया में लॉकडाउन को लेकर 18 लोगों की जान चली गई है।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन के नियमों का पालन कराने को लेकर नाइजीरिया की पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने 18 लोगों की हत्या कर दी है। जबकि घटना के वक्त तक कोरोना वायरस से नाइजीरिया में सिर्फ 12 लोगों की मौतें हुई थीं। वहीं, शनिवार सुबह तक कोरोना से मरने वालों की संख्या नाइजीरिया में 17 हो गई है।


लोगों की हत्या का खुलासा तब हुआ जब आम लोगों ने नेशनल ह्यूमन राइट्स कमिशन को घटना से जुड़े वीडियो भेजे। कमिशन का कहना है कि 30 मार्च को लॉकडाउन किए जाने से अब तक 18 लोगों को सुरक्षा बलों ने मार दिया है। बता दें कि नाइजीरिया में अब तक कोरोना के 493 मामले सामने आए हैं। लेकिन सघन आबादी होने की वजह से यहां कोरोना का संक्रमण तेजी से फैेलने का डर बना हुआ है।

गौरतलब है कि नाइजीरिया की पुलिस और दूसरे सुरक्षा बलों की छवि क्रूर एजेंसी की रही है। काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशन्स के मुताबिक, बीते एक साल में देश की एजेंसियों ने करीब 1476 लोगों की हत्या कर दी। ह्यूमन राइट्स कमिशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उन्हें पता चला है कि लॉकडाउन के दौरान आठ अलग-अलग घटनाओं में 18 लोगों की हत्या कर दी गई।

ऐसी घटना के खिलाफ लोग ह्यूमन राइट्स कमिशन में शिकायत भी कर रहे हैं। कमिशन का कहना है कि उनके पास अब तक 100 से ऐसी शिकायतें मिली है। घटना पर अभी तक सुरक्षा बलों ने कोई कुछ नहीं कहा है। ह्यूमन राइट्स कमिशन की रिपोर्ट पर नाइजीरियाई सुरक्षाबलों का कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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Published: 18 Apr 2020, 1:25 PM
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