सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार 8 दिसंबर, 2024 को हयात तहरीर अल-शाम और उससे जुड़े आतंकी समूह के हमले के बाद गिर गई थी। सीरिया में अपनी सरकार गिरने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ मॉस्को चले गए थे, जहां वह अभी भी रह रहे हैं।

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा, मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया
i

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और कई पूर्व अधिकारियों को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को बताया कि उन्हें विरोधियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखने, पूर्व नियोजित हत्या, यातना और मानवता विरोधी अपराधों का दोषी माना गया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद का पद सबसे ऊंचा था, लेकिन उन्होंने उसका मान नहीं रखा और कानून का उल्लंघन किया । सीरियन अरब न्यूज एजेंसी ने बताया कि कोर्ट ने बशर अल-असद के ममेरे भाई और दारा शहर में पूर्व राजनीतिक सुरक्षा चीफ, अतेफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने "भगोड़े" लौए अली अल-अली, माहेर हाफिज अल-असद, फहद जस्सम अल-फ्रीज, मोहम्मद अयमान अयूश, कुसे इब्राहिम महयूब, वाफिक सालेह नासिर और तलाल फारेस अल-अयसामी को भी सजा-ए-मौत का फरमान सुनाया। फैसले के वक्त पूर्व राष्ट्रपति असद कोर्ट में मौजूद नहीं थे। फिलहाल वो रूस में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं।


सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति असद की सरकार 8 दिसंबर, 2024 को हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) और उससे जुड़े आतंकी समूह के हमले के बाद गिर गई थी। सीरिया में अपनी सरकार गिरने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ मॉस्को चले गए थे। दिसंबर 2024 में दमिश्क छोड़ने के बाद, बशर अल-असद ने एक बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने रूस जाने से पहले के मुश्किल पलों का जिक्र किया।

उन्होंने यह बयान सीरियन प्रेसीडेंसी के टेलीग्राम अकाउंट के जरिए जारी किया था। बशर अल-असद ने कहा कि उनके जाने की कोई योजना नहीं थी और 8 दिसंबर की सुबह तक दमिश्क में ही रहे और अपनी जिम्मेदारी पूरी की। जब आतंकी संगठन दमिश्क में घुसे, तो उन्होंने लताकिया में शिफ्ट होने के लिए "रूसी दोस्तों" से बात की, ताकि वहां से सैन्य अभियान जारी रखा जा सके।

इसे भी पढ़ेंः सीरियाई राष्ट्रपति असद भागे रूस, परिवार समेत शरण ली, दूसरी ओर अमेरिका ने सीरिया पर शुरू की बमबारी


बयान के मुताबिक, रूस के हमीमिम एयर बेस पर पहुंचने पर, उन्हें एहसास हुआ कि सीरिया की बाकी सभी आर्मी पोजीशन खत्म हो गई थीं, और ग्राउंड फोर्स फ्रंट लाइन से हट गई थीं। जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए और रूसी बेस पर ड्रोन हमले होने लगे तो मास्को ने 8 दिसंबर की शाम को तुरंत उनकी रवानगी का इंतजाम किया। उन्होंने दावा किया कि शरण मांगने या अपनी पोस्ट छोड़ने का ख्याल पहले कभी नहीं आया, और कहा कि उनके पास लड़ाई जारी रखने का एकमात्र विकल्प यही था।

इसे भी पढ़ेंः सीरिया में सरकारी बलों और असद समर्थकों के बीच जबरदस्त संघर्ष, 200 से ज्यादा लोगों की मौत

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए