जंतर-मंतर पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर महिला ने स्याही फेंकी, धरना स्थल पर उमड़ी भारी भीड़
घटना से प्रदर्शन स्थल पर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई, क्योंकि दीपके पर स्याही फेंके जाने के बाद हंगामा मच गया और समर्थक मंच की ओर दौड़ पड़े। महिला की पहचान और घटना के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच करने की उम्मीद है।

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा बलपूर्वक हटाए जाने के बाद प्रदर्शन की कमान संभाल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक महिला ने स्याही जैसा तरल पदार्थ फेंका। इस घटना से दिपके को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर माहौल थोड़ी देर के लिए गर्मा गया।
यह घटना दीपके द्वारा वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा के तुरंत बाद हुई। घोषणा के बाद भारी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए, जहां यह घटना घटी। इस घटना से प्रदर्शन स्थल पर थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई, क्योंकि दीपके पर स्याही फेंके जाने के बाद समर्थक मंच की ओर दौड़ पड़े और हंगामा मच गया। महिला की पहचान और घटना के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस द्वारा घटना की जांच किए जाने की उम्मीद है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून से प्रदर्शन कर रहे लोग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हो गए, जिन्होंने 28 जून को विरोध स्थल पर आधिकारिक तौर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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पुलिसकर्मी सुबह विरोध स्थल पर पहुंचे और वहां जमा हुए सीजेपी कार्यकर्ताओं और जनता के नारेबाजी और विरोध के बीच वांगचुक को अस्पताल ले गए। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, और उन्होंने पुलिस पर वांगचुक को जबरन घटनास्थल से हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसी दौरान समर्थकों के बीच से एक महिला निकली और उसने सीजेपी के संस्थापक पर स्याही फेंक दी, जिससे थोड़ी देर के लिए वहां अफरातफरी मच गई।
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सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद दिपके ने आमरण अनशन का ऐलान किया है, जिसके बाद जंतर-मंतर पर भारी संख्या में छात्रों और अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। आज जंतर-मंतर पर अब तक की सबसे बड़ी भीड़ दिखाई दे रही है। हजारों लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे हैं। पूरा जंतर-मंतर खचाखच भरा हुआ है और पैर रखने तक की जगह नहीं बची है।
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लोगों का कहना है कि अगर यह जनसमर्थन इसी तरह बना रहा, तो सरकार के लिए इस आंदोलन को अब हटाना आसान नहीं होगा। 20 तारीख को जिस मार्च की चर्चा हो रही है, उसके सफल होने की संभावना अब पहले से अधिक मजबूत दिख रही है। आंदोलन में एक नई ऊर्जा और गति दिखाई दे रही है। सोनम स्वयं यहां मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी तस्वीर के साथ प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी धरने पर डटे हुए हैं और आंदोलन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध नज़र आ रहे हैं। लोगों का आना लगातार जारी है।
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