नागरिकता बिल: शिरीन दलवी ने लौटाया साहित्य अकादमी अवॉर्ड, विधेयक को बताया संविधान-धर्मनिरपेक्षता पर हमला

नागरिकता बिल को लेकर पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी है। असम और त्रिपुरा में हिंसक प्रदर्शन से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसी बीच 2011 में राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित शिरीन दलवी ने नागरिकता बिल के विरोध में अपना अवार्ड वापस कर दिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

नागरिकता बिल के विरोध में पूर्वोत्तर के राज्यों में विरोध प्रदर्शनों और आगजनी का दौर जारी है। खबरों के मुताबिक, कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई। खबर यह भी है गुवाहाटी में पुलिस ने प्रदर्शकारियों पर फायरिंग की है। फायरिंग में कई लोगों के घायल होने की खबर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह बिल असंवैधानिक है। इसी बीच पत्रकार शिरीन दलवी ने अपना अवार्ड वापस करने का ऐलान कर दिया है और पोस्ट कर लिखा नागरिकता संशोधन बिल के जरिए हमारे संविधान और धर्मनिरपेक्षता पर हमला किया गया है। बता दें कि शिरीन दलवी भारत की एक महिला पत्रकार और अवधनामा नाम के उर्दू पत्र के मुम्बई संस्करण की संपादिका रही हैं।

2011 में राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित शिरीन दलवी ने नागरिकता बिल के विरोध में अपना अवार्ड वापस करने का ऐलान करते हुए लिखा, “मुझे बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार के नागरिकता संशोधन बिल के पास कराए जाने की खबर से दुख हुआ है। नागरिकता बिल के जरिए हमारे संविधान और धर्मनिरपेक्षता पर हमला किया गया है और इस अमानवीय कानून के विरोध में मैं अपना राज्य साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस कर रही हूं।” उन्होंने अपने पोस्ट में नागरिकता संशोधन बिल को विभाजनकारी बताया।


दूसरी ओर असम में बिगड़ते हालात के बीच पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को हटाकर उनकी जगह पर मुन्ना प्रसाद गुप्ता को नियुक्त किया गया है। यह बदलाव तब किया गया है, जब असम में पिछले दो दिनों से जल रहा है। यहां इंटनरनेट सेवाओं को रोक दिया गया है और गुरुवार को अगले दो दिनों के लिए इसे और बंद रखने का ऐलान किया गया है।

इसके अलावा बिगड़ते हालात को देखते हुए कई विमानन कंपनियों ने राज्य के कई शहरों की उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है। वहीं रेल परिचालन पर भी ब्रेक लग गई है। हिंसा और व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है। जबकि कई ट्रेनों के रुट में बदलाव किया गया है।

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वहीं नागरिकता संशोधन बिल को लेकर पड़ोसी देश भी नाराज चल रहे हैं। बांग्लादेश ने इस बिल पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागरिकता विधेयक से भारत की ऐतिहासिक धर्मनिरपेक्ष छवि कमजोर होगी। इस बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने अपना भारतीय दौरा रद्द कर दिया है। बता दें कि 12 से 14 दिसंबर के बीच वे भारत के दौरे पर आने वाले थे।

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Published: 12 Dec 2019, 3:59 PM