सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर चुनाव आयोग की सफाई, कहा- फॉर्म-6 में बदलाव नहीं किया, घोषणापत्र को कोर्ट की मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि उसने अलग-अलग राज्यों में एसआईआर के दौरान आयोग की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। प्रधान न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि जब ​​रिकॉर्ड पेश किए जाएंगे, तो हम देखेंगे कि इसमें बदलाव किसने किया।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर चुनाव आयोग की सफाई, कहा- फॉर्म-6 में बदलाव नहीं किया, घोषणापत्र को कोर्ट की मंजूरी
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फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर आयोग की सफाई

आयोग ने कहा- फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया

साथ में संलग्न घोषणापत्र को शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा था

सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 में किसी बदलाव की मंजूरी नहीं दी

निर्वाचन आयोग की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा फॉर्म-6 पर की गई टिप्पणी पर सफाई दी गई है। आयोग के अधिकारियों ने कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा आदेश जारी करते समय उसके साथ एक घोषणापत्र संलग्न किया गया था, जिसे शीर्ष अदालत ने बरकरार रखा था।

एसआईआर के दौरान आयोग ने फॉर्म-6 में बदलाव किया

चुनाव आयोग की यह टिप्पणी आज सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय के यह कहने के कुछ घंटे बाद आई है कि उसने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। फॉर्म-6 के जरिये कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करता है। लेकिन एसआईआर के दौरान आयोग ने फॉर्म-6 के नियमों में बदलाव कर दिया, जिससे आयोग सवालों के घेरे में आ गया है।

चुनाव आयोग ने फिर कोर्ट की मंजूरी की बात कही

निर्वाचन आयोग की ओर से 26 सितंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बिहार में 24 जून 2025 को एसआईआर संबंधी आदेश जारी करते समय फॉर्म-6 के साथ एक घोषणापत्र संलग्न किया गया था, जिसे शीर्ष अदालत ने 27 मई के आदेश में बरकरार रखा था। विज्ञप्ति में आयोग ने कहा था कि “एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणापत्र को माननीय उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।”

आयोग ने कहा था कि एसआईआर की अवधि के अलावा सामान्य अवधि में नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू होने वाले फॉर्म का ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद आयोग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल से वह घोषणापत्र वापस ले लिया था, जिसमें एसआईआर के तहत पंजीकरण के लिए आवेदक के माता-पिता की जानकारी मांगी गई थी।


सुप्रीम कोर्ट ने फॉर्म-6 में किसी बदलाव की मंजूरी नहीं दी

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूचियों के एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कहा, “हमने फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। यह बात साफ होनी चाहिए। जब ​​रिकॉर्ड पेश किए जाएंगे, तो हम देखना चाहेंगे कि इसमें बदलाव किसने किया।”

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राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार ने अवैध बदलाव किया

सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद देर शाम चुनाव आयोग की ओर से फॉर्म-6 के मुद्दे पर सफाई दी गई। इस मामले को लेकर आज लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए अवैध बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर आपराधिक हमले में शामिल ज्ञानेश कुमार और उनके साथ शामिल सभी लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

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