कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार, गुजरात एटीएस ने दबोचा

कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपी अश्फाक और मोईनुद्दीन को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को गुजरात एटीएस ने गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने कमलेश तिवारी की हत्या की बात कबूल कर ली है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घर में घुसकर हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में गुजरात एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। गुजरात एटीएस ने हत्याकांड में दोनों मुख्य आरोपियों मोइनुद्दीन और अश्फाक को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर श्यामलाजी के पास से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि सूचना मिली थी कि कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों आरोपी गुजरात में दाखिल होने वाले हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बॉर्डर पर टीम भेजी गई और उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने पैसे खत्म होने के बाद परिवार से संपर्क किया था, जिसकी भनक एटीएस को लग गई थी, जिसके बाद टीम गठित कर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। डीआईजी हिमांशु शुक्ला की अगुवाई में पुलिस अधीक्षक बीपी रोजिया, एसीपी बीएस चावड़ा और अन्य पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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मिली जानकारी के अनुसार 34 वर्षीय अश्फाक सूरत के लिंबायत स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी 27 वर्षीय मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान भी सूरत के उमारवाड़ा में लो कास्ट कॉलोनी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि अश्फाक पेशे से मेडिकल रीप्रेजेंटेटिव था और मोइनुद्दीन फूड डिलिवरी ब्वाय का काम करता था।

इससे पहले इस मामले में गुजरात से ही गिरफ्तार किए गए अन्य तीन आरोपियों मौलाना मोहसिन, राशिद पठान ओर फैजान की आज लखनऊ कोर्ट में पेशी हुई, जहां से तीनों को 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में यूपी पुलिस के साथ ही पहले दिन से ही गुजरात एटीएस और महाराष्ट्र एटीएस भी लगी हुई थी। कई टीमें लगातार इन दोनों मुख्य आरोपियों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही थीं।


मंगलवार को ही दिन में यूपी एसटीएफ ने आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई एक इनोवा कार जब्त की थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने लखीमपुर के पलिया से शाहजहांपुर तक जाने के लिए कार बुक किया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए कार के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। मिली जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने बताया है कि कार को उसके मालिक के एक रिश्तेदार ने गुजरात से 5,000 रुपये में बुक किया था। कहा जा रहा है कि आरोपी इसी कार से लखीमपुर से शाहजहांपुर तक गए, जहां सोमवार को एक सीसीटीवी कैमरे में उन्हें पैदल जाते हुए देखा गया।

दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही थी। सोमवार के बाद मंगलवार को भी पुलिस ने प्रदेश के कई होटल, लॉज और मदरसों में छापेमारी की। इससे पहले दोनों मुख्य आरोपियों पर 2.5-2.5 लाख रुपये का इनाम घोषित करते हुए पुलिस ने दोनों के स्केच भी जारी किए थे।

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हालांकि कमलेश तिवारी की मां शुरू से यूपी पुलिस और गुजरात एटीएस की दलीलों को खारिज करती रही हैं। हत्या के बाद और दूसरे दिन सीएम योगी से मिलने के बाद भी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बीजेपी नेताओं और बीजेपी से जुड़े एक माफिया पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। खास बात ये है कि कमलेश तिवारी ने हत्या से पहले खुद वीडियो जारी कर बीजेपी पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। कमलेश की मां का कहना है कि पुलिस कुछ बेकसूरों को पकड़ के सामने पेश कर देगी, और माफिया को बचा लेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार में कमलेश तिवारी को करीब 17 पुलिस वालों की सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन बीजेपी की योगी सरकार में पहले उनकी संख्या घटाकर 8-9 कर दी गई, और फिर और घटाकर 4 कर दिया गया।


बता दें कि कमलेश तिवारी की 18 अक्टूबर को लखनऊ में उनके घर पर ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। तिवारी के साथ उस दिन मौजूद उनके सहयोगी स्वराष्ट्र दीप सिंह ने बताया कि उस दिन शाम को दोनों आरोपी आए और सीधे फर्स्ट फ्लोर पर चले गए, जैसे वे वहां से वाकिफ थे। वे तिवारी के साथ करीब आधे घंटे बैठकर बातचीत करते रहे। इस दौरान दीप सिंह के सामने ही उन्होंने चाय-नाश्ता किया। इसके बाद इनमें से एक ने दीप सिंह को सिगरेट लेने भेज दिया और जब वह वापस आए तो तिवारी फर्श पर खून में लथपथ पड़े थे, उनका गला रेता गया था, जहां से खून बह रहा था। उन्होंने शोर मचाया और तिवारी की पत्नी किरन दौड़कर ऊपर आईं। उन्होंने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते कमलेश दम तोड़ चुके थे।

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Published: 22 Oct 2019, 11:21 PM