संयुक्त राष्ट्र में पीएम के भाषण पर कांग्रेस का तीखा कटाक्ष, कहा- विविधता और लोकतंत्र को खत्म करने की हो रही कोशिश

संयु्क्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री द्वारा विविधता और लोकतंत्र की बात कहने पर कांग्रेस पार्टी ने तीखा कटाक्ष किया है। कांग्रेस ने कहा है कि पीएम मोदी के शासन में देश में लोकतंत्र को हिंसा में बदला जा रहा है और देश की विविधता को खत्म करने का प्रयास हो रहा है।

सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

प्रधानमंत्री के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों का सिलसिलेवार जवाब दिया है। कांग्रेस ने कहा है कि, "ये मत भूलिए मोदी जी, लोकतंत्र के उसी गौरव को आप ध्वस्त करने पर आमादा हैं। नफ़रत, विभाजनकारी सोच को बढ़ावा देकर आपने देश की लोकतांत्रिक परम्परा को कलंकित करने का काम किया है। ये भी मत भूलिए कि जिस लोकतंत्र की आप बात कर रहे हैं, उसमें आपका; आपकी विचारधारा का रत्ती भर योगदान नहीं है।" प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा था कि "मैं उस देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं जिसे mother of democracy का गौरव हासिल है। लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों की महान परंपरा ने इस 15 अगस्त को भारत ने अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश में प्रवेश किया।"

प्रधानंत्री ने अपने भाषण में देश की विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि, "हमारी विविधता, हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। एक ऐसा देश जिसमें दर्जनों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अलग-अलग रहन-सहन, खानपान हैं। ये Vibrant Democracy का बेहतरीन उदाहरण है।" इसके जवाब में कांग्रेस ने कहा है कि, "देश में विविधतावादी पहचान का अपमान और विदेश में गुणगान...ये दोहरा रवैया काम नहीं आएगा मोदीजी सच तो ये है कि आपके तानाशाही राज में लोगों को खान-पान पर पीटा जा रहा है। -विविधता को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। -Vibrant Democracy को Violence में बदलने की पुरजोर कोशिश जारी है।"


कांग्रेस ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री अपने ही भाषणों का सही मायनों में अर्थ समझ पाते तो देशवासियों को उनकी सरकार ने भीषण संकट के समय अकेला नहीं छोड़ा होता। प्रधानमंत्री ने कहा था कि "दुनिया का हर छठा शख्स भारतीय है और अगर भारत तरक्की करेगा तो पूरी दुनिया तरक्की करेगी।"

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