खाद की कीमतों पर कांग्रेस के घेरने पर सरकार ने बढ़ाई सब्सिडी, अब 1200 रुपये में ही मिलेगी डीएपी की बोरी

सरकार के इस निर्णय से किसानों को डीएपी पर 500 रुपये प्रति बोरी से बढ़कर 1200 रुपये प्रति बोरी की सब्सिडी मिलेगी। किसानों को डीएपी का एक बैग 2400 रुपये के बजाय अब 1200 रुपये में ही मिलेगा। सरकार इस सब्सिडी के लिए 14,775 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय करेगी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कोरोना महामारी के संकट के बीच खाद के दामों बेतहाशा बढ़ोतरी पर कांग्रेस द्वारा लगातार घेरे जाने के बाद बुधवार को सरकार ने एक तरह से फैसले पर यू टर्न ले लिया है। कांग्रेस के चौतरफा दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों के खाद पर सब्सिडी बढ़ाने का फैसला किया। सरकार ने डीएपी पर 140 प्रतिशत सब्सिडी बढ़ाई है। इसके बाद किसानों को डीएपी खाद का एक बैग 2400 रुपये के बजाय अब 1200 रुपये में ही मिलेगा।

सरकार के इस निर्णय से किसानों को डीएपी पर 500 रुपये प्रति बोरी से बढ़कर अब 1200 रुपये प्रति बोरी की सब्सिडी मिलेगी। किसानों को डीएपी का एक बैग 2400 रुपये के बजाय अब 1200 रुपये में ही मिलेगा। सरकार इस सब्सिडी के लिए 14,775 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मूल्य वृद्धि के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलना जरूरी है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाद कीमतों के मुद्दे पर बुधवार को उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए इस पर प्रजेंटेशन लिया। मीटिंग में चर्चा हुई कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की बढ़ती कीमतों के कारण खाद की कीमतों में वृद्धि हो रही है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलनी चाहिए।

इस बैठक में डीएपी खाद के लिए सब्सिडी 500 रुपये प्रति बैग से, 140 प्रतिशत बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति बैग करने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार, डीएपी की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों में वृद्धि के बावजूद, इसे 1200 रुपये के पुराने मूल्य पर ही बेचे जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मूल्य वृद्धि का सारा अतिभार केंद्र सरकार ने उठाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार के मुताबिक, प्रति बोरी सब्सिडी की राशि कभी भी एक बार में इतनी नहीं बढ़ाई गई है।

बता दें कि पिछले साल डीएपी की वास्तविक कीमत 1,700 रुपये प्रति बोरी थी, जिसमें केंद्र सरकार 500 रुपये प्रति बैग की सब्सिडी दे रही थी। इसलिए कंपनियां किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद बेच रही थीं। हाल ही में डीएपी में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया आदि की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें बढ़ने का हवाला देते हुए सरकार ने लगभग दोगुनी कीमत बढ़ा दी। लेकिन कांग्रेस के इस मुद्दे पर घेरने से सरकार बैकफुट पर आ गई और आज सब्सिडी बढ़ाने का ऐलान करना पड़ा, जिससे किसानों को 1200 रुपये में ही डीएपी का बैग मिलता रहेगा।

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