नाना पाटेकर मौत मामला: फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नेचुरल डेथ की पुष्टि, बंद होगा केस

गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम की फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज से पीड़ित थे। इस बीमारी में दिल की धमनी में खून का थक्का जम जाता है, जिससे खून की सप्लाई रुक जाती है। इसी कारण उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हुई।

नाना पाटेकर मौत मामला: फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नेचुरल डेथ की पुष्टि, बंद होगा केस
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नाना पाटेकर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह मैसिव हार्ट अटैक

रिपोर्ट में नाना की मौत को प्राकृतिक बताया गया

गोवा पुलिस अननैचुरल डेथ का केस बंद करेगी

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), बाम्बोलिम की फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह मैसिव हार्ट अटैक बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। गोवा पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी परिवार को भी दे दी गई है और परिवार ने अब तक इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। ऐसे में नाना पाटेकर की मौत के मामले में दर्ज अननैचुरल डेथ का केस बंद किया जाएगा।

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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक बताया गया

गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम की फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) से पीड़ित थे। इस बीमारी में दिल की धमनी में खून का थक्का जम जाता है, जिससे खून की सप्लाई रुक जाती है। ऐसे में उन्हें हार्ट अटैक आया। गोवा पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट में मौत को प्राकृतिक बताया गया है।

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नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर को गोवा में हुआ

नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर को गोवा में हुआ था। वह 75 साल के थे। पुलिस जांच के मुताबिक, निधन से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को मैसेज के जरिए बताया था कि उन्हें रात करीब 2:30 बजे अपनी तबीयत ठीक नहीं लग रही है। अमेय नाईक ने सुबह करीब 3:30 बजे मैसेज देखा और तुरंत नाना के डोना पाउला स्थित घर पहुंचे। वहां नाना सोफे पर बेसुध हालत में मिले।

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नाना पाटेकर घर में सोफे पर बेसुध हालत में मिले

इसके बाद नाना को एंबुलेंस से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन उन्हें होश नहीं आया। सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज, बाम्बोलिम भेजा गया।


परिवार ने भी किसी तरह की गड़बड़ी का शक नहीं जताया

वहीं, पणजी पुलिस ने अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज किया और परिवार के सदस्यों के बयान भी लिए। परिवार की ओर से किसी तरह की गड़बड़ी का शक नहीं जताया गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता को मुखाग्नि दी।

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