अयोध्या में महिला बैंक अफसर की खुदकुशी मामले में यूपी के आईपीएस अफसर पर मामला दर्ज, सुसाइड नोट में था उनका नाम

अयोध्या के एसएसपी रहे और वरिष्ठ आईपीएस अफसर आशीष तिवारी पर महिला बैंक अफसर को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है। महिला अफसर का शव उसके कमरे में लटका पाया गया था। सुसाइड नोट में इस आईपीएस के साथ दो अन्य लोगों के नाम भी हैं।

सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अयोध्या के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आशीष तिवारी पर पंजाब नेशनल बैंक की महिला अफसर को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। इस महिला का शव अयोध्या में उनके कमरे की छत से लटका मिला था। महिला अफसर श्रद्धा गुप्ता सिर्फ 32 वर्ष की थीं पंजाब नेशनल बैंक की अयोध्या ब्रांच में डिप्टी ब्रांच मैनेजर थीं।

शनिवार की देर शाम फैजाबाद कोतवाली थाने में मृतक बैंकर के पिता राजकुमार गुप्ता के शिकायत दर्ज कराने के बाद तिवारी के साथ एक पुलिस कांस्टेबल अनिल रावत और बलरामपुर निवासी विवेक गुप्ता पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप विवेक गुप्ता महिला का पूर्व मंगेतर है।

श्रद्धा गुप्ता ने अपने सुसाइट में तीनों आरोपियों के नाम स्पष्ट तौर पर लिखें हैं। यह सुसाइड नोट श्रद्धा के कमरे से बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से दावा किया गया है आत्महत्या के लिए दो पुलिसकर्मी और विवेक गुप्ता जिम्मेदार हैं।

पुलिस के मुताबिक श्रद्धा गुप्ता 2015 में पीएनबी में क्लर्क के रूप में शामिल हुईं और 2018 में एक अधिकारी बनने के लिए रैंकों के माध्यम से आगे बढ़ीं। वह फैजाबाद में बैंक शाखा से सटे किराए के मकान में अकेली रहती थी। शनिवार की सुबह जब दूधवाले ने श्रद्धा का दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला तो उसने मकान मालिक को सूचना दी। बार-बार दस्तक देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर मकान मालिक ने बगल की खिड़की से झांका तो पाया कि वह छत से लटकी हुई है।


अयोध्या के एसएसपी शैलेश पांडे ने पुष्टि की है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। इस बीच, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, "अयोध्या में पीएनबी की महिला कर्मचारी ने अपने सुसाइड नोट में जिस तरह से पुलिस कर्मियों पर सीधे आरोप लगाए हैं, वह उत्तर प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था की एक कड़वी सच्चाई है। यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है कि एक आईपीएस अधिकारी का नाम भी सामने आ रहा है। इसकी उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए।"

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