ज्ञानेश कुमार पर जन महाभियोग: सपा ने कहा-संविधान बचाने को CEC को हटाना होगा, तृणमूल बोली- बंगाल में चोरी हुआ चुनाव

विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए जन महाभियोग की कार्यवाही जारी है। इस कार्यवाही के दौरान समाजवादी पार्टी ने सीईसी को हटाने का आह्वान किया, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव की चोरी हुई।

विपक्षी दलों द्वारा आयोजित संसद में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पेश जन महाभियोग पर चर्चा (फोटो सौजन्य - @INCIndia)
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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लाए गए जन महाभियोग पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए समाजवादी पार्टी ने कहा है कि संविधान बचाने के लिए ज्ञानेश कुमार को हटाना ही होगी। समाजवादी पार्टी (एसपी) के नेता हरेन्द्र मलिक ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ‘पीडीए पर सीधा प्रहार’ करार देते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिये अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना होगा।

एसआईआर चुनाव चुराने के लिए मैच फिक्सिंग - सपा

एसपी के लोकसभा सदस्य मलिक ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए ‘जन महाभियोग’ ‘प्रस्ताव’ का समर्थन करते हुए कहा कि एसआईआर कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा, ‘‘एसआईआर कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह ‘मैच फिक्सिंग’ कर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास है। यह पीडीए पर सीधा प्रहार है। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।’’

एसपी नेता ने दावा किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का सबसे अधिक असर समाज के वंचित और कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘अगर संविधान और लोकतंत्र को बचाना है तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाना होगा।’’ मलिक ने कार्यक्रम में पेश प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है।

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देश में ‘मोदी-शाह-ज्ञानेश गठबंधन’, बंगाल में चुनाव चोरी किया गया: सागरिका घोष

तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने शनिवार को केंद्र सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में ‘‘मोदी-शाह-ज्ञानेश गठबंधन’’ काम कर रहा है और इसे जाना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल में नए सिरे से चुनाव कराने, कुमार को पद से हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रोकने की मांग भी की।

सागरिका घोष ने विपक्ष के ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव की ‘‘चोरी’’ की गई थी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त सरकार के साथ मिलकर लोगों के मताधिकार को छीनने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजग सरकार को ‘मोदी-शाह-ज्ञानेश गठबंधन’ कहा जाना चाहिए बंगाल चुनाव में वोट चोरी के लिए जो पटकथा लिखी गई थी, उसे बॉलीवुड में भी ठुकरा दिया जाएगा।’’

तृणमूल कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार ‘‘गैरकानूनी’’ है।उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, पश्चिम बंगाल में नए सिरे से चुनाव कराया जाए और एसआईआर को रोका जाए। ‘मोदी-शाह-ज्ञानेश गठबंधन’ को भी जाना चाहिए।’’


किसी को वोट देने से रोकना हमारी डेमोक्रेसी को नुकसान पहुंचाता हैः मीरा कुमार

इससे पहले जन महाभियोग के लिए बनाई गई कथित संसद की अध्यक्षता करते हुए पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने कहा कि किसी को वोट देने से रोकना हमारे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा "यह तय किया गया है कि इंडिया ब्लॉक ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए इंपीचमेंट मोशन लाने के लिए एक मीटिंग बुलाएगा। यह इंपीचमेंट मोशन राज्यसभा में विपक्ष के लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे पेश करेंगे, जो बाद में एक स्टेटमेंट देंगे...हमारी डेमोक्रेसी दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी है। दुनिया भर के देश, एशिया, अफ्रीका और साउथ अमेरिका में, हमारी तरफ देखते हैं और हमारे डेमोक्रेसी मॉडल को फॉलो करते हैं। हमारी डेमोक्रेसी इलेक्शन की पावर से चलती है, और इस इलेक्टोरल पावर के दिल में वोटर की आत्मा होती है। वोटर पूरे इलेक्टोरल प्रोसेस का सेंटर पॉइंट होता है। अगर एक भी वोटर को वोट डालने के अधिकार से मना किया जाता है, तो यह हमारी डेमोक्रेसी की आत्मा पर चोट करता है। किसी को वोट देने से रोकना हमारी डेमोक्रेसी को नुकसान पहुंचाता है।"

जन महाभियोग के प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने करोड़ों लोगों के वोट काट दिए। उन्होंने कहा कि मुझे खुद भी अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए दो बार सुनवाई में शामिल होकर साबित करना पड़ा कि मैं इस देश का वैध मतदाता हूं। उन्होंने कहा कि अगर एक सांसद को यह सब झेलना पड़ा है तो अनुमान लगाइए कि करोड़ो आम नागरिकों को किन दुश्वारियों से दोचार होना पड़ा होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के हर कदम से देश में लोकतांत्रिक स्थान खत्म किए जा रहे हैं, सत्ता का केंद्रीकरण हो रहा है और देश पर पूर्ण नियंत्रण की जमीन तैयार की जा रही है।

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