सत्याग्रहः राहुल गांधी ने पुणे में आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया, महाराष्ट्र सरकार से कार्रवाई की मांग की

राहुल गांधी ने कहा कि पुणे के छात्रों की मांगें साफ हैं- एमपीएससी अध्यक्ष इस्तीफा दें, और उनकी जगह एक ईमानदार, योग्य अधिकारी आए। 70,000 से ज्यादा खाली सरकारी पद तुरंत भरे जाएं। ये मांगे नाजायज नहीं हैं। इन पर कार्रवाई चाहिए- आश्वासन नहीं।

सत्याग्रहः राहुल गांधी ने पुणे में आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया, महाराष्ट्र सरकार से कार्रवाई की मांग की
i

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने सत्याग्रह आमदोलन के तहत पुणे में आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि राज्य लोकसेवा आयोग ‘एमपीएससी’ के अध्यक्ष को इस्तीफा देना चाहिए और उनकी जगह ईमानदार और योग्य अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने राज्य में 70,000 से अधिक रिक्त सरकारी पदों को तत्काल भरने की मांग भी की।

राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र के छात्रों ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान उनके सामने पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों, महंगी पढ़ाई, खराब छात्रावासों, भोजन की गुणवत्ता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) में कथित धोखाधड़ी जैसी समस्याएं रखी थीं। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से एमपीएससी में सुधार करने, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और छात्रों की समस्याएं सुनने को कहा था, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

राहुल गांधी ने कहा कि इसी कारण छात्र अब पुणे में सत्याग्रह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें अनुचित नहीं हैं और सरकार को आश्वासन देने के बजाय उनपर कार्रवाई करनी चाहिए। उनकी मांगे साफ़ हैं: एमपीएससी अध्यक्ष इस्तीफा दें, और उनकी जगह एक ईमानदार, योग्य अधिकारी आए। 70,000 से ज्यादा खाली सरकारी पद तुरंत भरे जाएं। ये मांगे नाजायज नहीं हैं। इन पर कार्रवाई चाहिए- आश्वासन नहीं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 'महाराष्ट्र स्पर्धा परीक्षा समन्वय समिति' नामक संगठन ने अपना आंदोलन ‘सत्याग्रह’ के मंच के साथ संबद्ध किया है और युवा कांग्रेस तथा एनएसयूआई लगातार इस आंदोलन के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने युवा कांग्रेस और एनएसयूआई से छात्रों की मांगें पूरी होने तक उनके साथ खड़े रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को महाराष्ट्र सरकार के समक्ष फिर से उठाएंगे और इसके स्थायी समाधान की मांग करेंगे। कांग्रेस नेता ने छात्रों का भविष्य तय करने वाली संस्था पर ‘‘कब्जा’’ कर लिये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसे ऐसे ही नहीं चलने दिया जाएगा।


राहुल गांधी ने एक और पोस्ट में बताया कि सत्याग्रह 9 घंटे पहले लाइव हुआ। तब से, 10,000 से ज़्यादा लोग और ग्रुप आगे आ चुके हैं। इतने सारे संघर्ष भारतीय पहले से ही लड़ रहे हैं- चुपचाप, यह मानते हुए कि कोई सुन नहीं रहा है। हम सुन रहे हैं। हर सबमिशन पढ़ा जाएगा। हम पहले से ही शिक्षा, भ्रष्टाचार, सामाजिक न्याय, किसान, मजदूर, स्वास्थ्य, महिलाओं की सुरक्षा, जमीन और पर्यावरण जैसे विषयों पर कहानियाँ देख रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी टीम हर एक को देखेगी, यह पता लगाएगी कि हम कैसे मदद कर सकते हैं, और जहां और जानकारी की जरूरत होगी, वहां पहुंचेगी। जहां किसी असली संघर्ष को हल करने के लिए बढ़ाने की जरूरत है, हम करेंगे। उन्होंने कहा कि यह तो बस शुरुआत है। सत्याग्रह एक दिन का कैंपेन नहीं है। यह सालों तक चलेगा, और यह हर आंदोलन के साथ खड़ा रहेगा, चाहे वह बड़ा हो या छोटा। अंत में उन्होंने कहा कि बोलने और संविधान के लिए खड़े होने के लिए धन्यवाद। अगर आपने अभी तक नहीं बताया है, तो मुझे अपनी कहानी बताएं।

इससे पहले शनिवार को ही दिन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश में ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों, संस्थानों और समूहों की सहायता करने के लिए एक बड़ी पहल का ऐलान करते हुए सत्याग्रह नाम से एक वेबसाइट लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मांगो को लेकर देश के कोने-कोने में प्रदर्शन हो रहे हैं और नेता विपक्ष के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी है कि उनकी आवाज को सही जगह तक पहुंचाया जाए। 'सत्याग्रह' मंच की शुरुआत जनहित के मुद्दों को उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ बुलंद करने के उद्देश्य से किया गया है। न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोग इस मंच के जरिये अपनी आवाज उठा सकते हैं।


राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि यदि वे किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं तो अपनी कहानी इस मंच पर साझा करें। उन्होंने कहा, ‘‘आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है। और मैं जो कर सकता हूं, करूंगा - संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी जरूरत हो वहां आपके साथ खड़े होकर- नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने कहा कि इस मंच के ज़रिये लोग अपनी पहचान, अपने मुद्दे और उनके अधिकारों के रास्ते में खड़ी चुनौतियों की जानकारी साझा कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ेंः 'आपके साथ खड़े होना मेरी ज़िम्मेदारी', राहुल ने अधिकारों और न्याय की आवाज के मंच 'सत्याग्रह' की शुरुआत की

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए