राजकीय सम्मान के साथ हुआ सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार, बेटी ने दी मुखाग्नि, कई नेताओं ने नम आंखों से दी विदाई

पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की नेता रहीं सुषमा स्वराज बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता शामिल हुए।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पंचतत्व में विलीन हो गईं। लोधी रोड के शवदाह गृह में सुषमा स्वराज का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता शामिल हुए। इसके अलावा गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, रामदास अठावले, मनोहर लाल खट्टर, शरद यादव सहित कई नेता मौजूद थे।

इससे पहले पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अंतिम यात्रा निकला तो सड़कों कार्यकर्ताओं का हुजूम देखने को मिला।

बता दें कि सुषमा स्वराज का मंगलवार रात यहां दिल का दौरा पड़ने से दिल्ली के एम्स में निधन हो गया था। वहां से उनका पार्थिव शरीर रात में ही उनके आवास पर लाकर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रख दिया गया था। जहां कई केन्द्रीय मंत्री, बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता रात में ही उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे गए थे। इस दौरान कई ऐसा नेता दिखे जो सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देते फफक पड़े, वे अपने आंसूओं को काबू में नहीं कर सके।

इसके बाद दिल्ली में सुषमा स्वराज के पार्थिव शरीर को उनके घर से बीजेपी मुख्यालय ले जाया गया। जहां अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए नेताओं, कार्यकर्ताओं और लोगों की भीड़ दिखी। इस दौरान वहां ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, दीदी तेरा नाम रहेगा’ के नारों से आसमान गूंज गया। इसके बाद बीजेपी मुख्यालय से सुषमा स्वराज की अंतिम यात्रा शुरू हुई और लोधी रोड के शवगृह तक पहुंची। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुषमा स्वराज की अर्थी को कांधा दिया।

इसे भी पढ़ें: हामिद, गीता, जैनब समेत कई लोगों की सुषमा ने की थी मदद, निधन की खबर सुनकर सभी आंखें नम, जानें किसने क्या कहा

जानिए निधन से 1 घंटे पहले सुषमा स्वराज ने किससे किया था मिलने का वादा, देना था उन्हें 1 रुपए

लोकप्रिय