प्रवासी मजदूरों की हालत पर राहुल-प्रियंका ने मोदी सरकार को घेरा, पूछा- इन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया जाता है? 

लॉकडाउन 2 की घोषणा के बाद से ही जिस तरह से प्रवासी मजदूरों की घबराहट बढ़ गई है, उसे लेकर प्रियंका और राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इन मजदूरों के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

फोटो: सोशल मीडिया   
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नवजीवन डेस्क

कोरोना वायरस को काबू में करने के लिए भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन 2 की घोषणा कर दी हो, लेकिन इससे सबसे ज्यादा असर किस तबके को पड़ने वाला है इसकी भी एक तस्वीर मंगलवार शाम को बांद्रा रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली। कैसे प्रधानमंत्री की लॉकडाउन 2 की घोषणा के बाद प्रवासी मजदूर घबराने लगे और देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोग वहां पहुंच गए। हालांकि सरकार और अधिकारियों की ओर से समझाने के बाद वो भले ही वापस लौट गए लेकिन इस घटना ने एक बार फिर केंद्र सरकार की बिना प्लान के उठाए गए इस कदम पर सवाल खड़ा कर दिया है।

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प्रियंका ने पूछा- इन गरीबों को भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया जाता है?

घर वापसी को लेकर बेचैन-परेशान गरीबों के हक के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका और राहुल गाधी ने केंद्र सरकार से सवाल के साथ-साथ अपील भी की है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे मजदूरों की मदद करें और इनके लिए व्यवस्था की जाने चाहिए। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर पूछा, 'आखिर हर बार हर विपत्ति गरीबों और मजदूरों पर ही क्यों टूटती है? उनकी स्थिति को ध्यान में रखकर फैसले क्यों नहीं लिए जाते? उन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया जाता है? लॉकडाउन के दौरान रेलवे टिकटों की बुकिंग क्यों जारी थी? स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम क्यों नहीं किया गया? उनके पैसे खत्म हो रहे हैं, स्टॉक का राशन खत्म हो रहा है, वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं-घर गाँव जाना चाहते हैं। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए थी। अभी भी सही प्लानिंग के साथ इनकी मदद की व्यवस्था की जा सकती है। मजदूर इस देश की रीढ़ की हड्डी हैं। नरेंद्र मोदी जी भगवान के लिए इनकी मदद कीजिए।'

राहुल ने मिडिल-ईस्‍ट में फंसे भारतीय मजदूरों को देश लाने की मांग की

वहीं बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लॉकडाउन के कारण मिडिल-ईस्‍ट में हजारों की संख्‍या में फंसे भारतीय श्रमिकों को देश वापस लाने की मांग सरकार से की है। राहुल ने ट्वीट कर कहा, Covid-19 संकट और व्यवसायों के बंद किए जाने से मिडिल ईस्‍ट के देशों में हजारों भारतीय श्रमिक गहरी चिंता में हैं और घर लौटने के लिए बेताब हैं। सरकार को हमारे इन भाइयों और बहनों को घर लाने के लिए फ्लाइट की व्‍यवस्‍था कर इनकी मदद करनी चाहिए। इन्‍हें क्‍वारंटाइन की योजना भी तैयार की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि कोरोना और लॉकडाउन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार से अपील के साथ-साथ सवाल भी करती रही है। मंगलवार को भी राहुल और प्रियंका ने कोरोना टेस्ट की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए थे। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत ने कोरोना टेस्ट किटों की खरीद में देरी की। वहीं, प्रियंका ने योगी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी में जांच का सिस्टम अभी भी बहुत लचर है।

राहुल-प्रियंका पहले भी कर चुके हैं सरकार से सवाल

राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा था, 'भारत ने कोरोना टेस्ट किटों की खरीद में देरी की और अब भी यह काफी कम मात्रा में नहीं है। प्रति मिलियन भारतीयों पर सिर्फ 149 टेस्ट के साथ हम अब लाओस (157), नाइजर (182) और होंडुरास (162) देशों की कतार में हैं। अधिक से अधिक संख्या में टेस्ट के जरिए ही वायरस से लड़ा जा सकता है। वर्तमान में हम इस खेल में कहीं नहीं हैं।' वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टेस्टिंग बढ़ाने का आग्रह किया था। यूपी में होने वाली मौतों में 5 की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट मौत के बाद आई है। जांच का सिस्टम अभी भी बहुत लचर है। जांच की व्यवस्था को तेज व व्यवस्थित करिए।

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बता दें, पीएम मोदी ने लागू देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की मंगलवार को घोषणा की, साथ ही प्रस्ताव किया कि जो क्षेत्र हॉटस्पाट में नहीं होंगे और जिनके हॉटस्पाट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां 20 अप्रैल से कुछ छूट दी जा सकती है। पीएम ने कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और बुधवार को इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह नये क्षेत्रों में न फैले।

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