Asian Games 2026: आर्चरी में भारत को एक और गोल्ड, राजेश-चिकिथा ने सोने पर लगाया निशाना, ओलंपिक 2028 का टिकट भी हुआ पक्का
इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा भी हासिल कर लिया है। यह इवेंट पहली बार ओलंपिक में शामिल किया जाएगा।

मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी टीम ने भारत को दिलाया एक और गोल्ड
राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट में जीता गोल्ड मेडल
साउथ कोरिया को एक रोमांचक शूट-ऑफ में हराया
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा भी हासिल किया
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बुधवार का दिन गोल्ड लेकर आया है। महिला टीम के गोल्ड जीतने के बाद भारतीय मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी टीम ने भी गोल्ड पर निशाना लगाया है। राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ कोरिया को एक रोमांचक शूट-ऑफ में हराया।
ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा मिला
फाइनल में मुकाबला 157-157 की बराबरी पर खत्म हुआ, जिसके बाद भारतीय जोड़ी ने शूट-ऑफ में साउथ कोरिया के पार्क जुंगयून और चोई योंगही को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का कोटा भी हासिल कर लिया है। यह इवेंट पहली बार ओलंपिक में शामिल किया जाएगा।
भारत के पदकों की संख्या
इससे पहले, महिला टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद, यह चिकिथा का आइची-नागोया में दूसरा गोल्ड है। एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का आठवां गोल्ड है। कुल मिलाकर, भारत के मेडल अभी 54 हैं, जिसमें आठ गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
फाइनल में जोरदार मुकाबला
चिकिथा और साहिल ने शानदार शुरुआत की, दोनों तीरंदाजों ने अपने शुरुआती शॉट में 10-रिंग हासिल की। शुरुआती रोटेशन के बाद कोरियाई खिलाड़ियों ने उनकी बराबरी करते हुए स्कोर 20-20 कर दिया।
इसके बाद भारत को पहला फायदा तब मिला जब पार्क ने 9 का स्कोर किया। चिकिथा और साहिल ने 10 की एक और जोड़ी के साथ जवाब दिया और पहले एंड के आखिर में 40-39 से आगे हो गए। भारतीय जोड़ी ने दूसरे एंड में भी बेहतरीन निशाने लगाए और अपनी बढ़त दो अंक तक बढ़ा ली। चिकिथा और साहिल ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती चारों शॉट में 10-10 अंक हासिल किए। उनकी सटीकता की बदौलत भारत ने आधे मुकाबले तक 80-78 की बढ़त बना ली।
हालांकि, साउथ कोरिया ने हार नहीं मानी और तीसरे एंड में कड़ा मुकाबला जारी रखा, लेकिन भारत ने फिर से चिकिथा और साहिल के दो 10 स्कोर के साथ जवाब दिया और 100-98 से आगे हो गया। दबाव का पहला संकेत तीसरे एंड के आखिर में दिखा, जब दोनों भारतीय 10-रिंग से चूक गए, जिससे साउथ कोरिया ने अंतर को एक प्वाइंट तक कम कर दिया। भारत 118-117 से आगे था और दोनों तरफ चार-चार तीर बचे थे।
आखिरी एंड में मुकाबला और रोमांचक हो गया। साउथ कोरिया के पार्क और चोई ने दोनों तीरों पर 10-10 प्वाइंट हासिल किए, जिससे भारतीय जोड़ी पर दबाव बढ़ गया। जवाब में चिकिथा ने 10 प्वाइंट का सटीक निशाना लगाया और साहिल ने भी 10 प्वाइंट बनाकर उनका साथ दिया। इसके बाद भारत के पास दो तीर बाकी रहते हुए एक प्वाइंट की मामूली बढ़त थी।
साउथ कोरिया ने अपने आखिरी दो तीरों पर 10-10 प्वाइंट हासिल कर परफेक्ट 20 प्वाइंट बनाए और स्कोर 157 तक पहुंचा दिया। इसके बाद भारत को मुकाबला बराबर करने और हार से बचने के लिए अंतिम दो तीरों में 20 प्वाइंट की जरूरत थी। चिकिथा ने 9 प्वाइंट बनाए, जिससे दबाव और बढ़ गया। हालांकि, साहिल ने बेहद अहम 10 प्वाइंट का निशाना लगाकर स्कोर 157-157 कर दिया। इसके बाद विजेता का फैसला शूट-ऑफ में हुआ।
एक-एक तीर से टाई तय होने के साथ, चिकिथा ने 10 प्वाइंट बनाए और पार्क ने भी बराबरी की। साहिल ने फिर एक और 10 प्वाइंट बनाए, जिससे चोई पर साउथ कोरिया की उम्मीदें जिंदा रखने की जिम्मेदारी आ गई। चोई सिर्फ 9 का स्कोर ही बना पाईं, जिससे भारत को गोल्ड मेडल पक्का हो गया।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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