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विष्णु नागर का व्यंग्यः आजकल शर्म से कौन डूब मरता है!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्यः आजकल शर्म से कौन डूब मरता है!

विष्णु नागर का व्यंग्यः भुसभरा शेर निंदा से डरता है, किसानों, छात्रों, शाहीनबाग की दादियों से खौफ में रहता है!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्यः भुसभरा शेर निंदा से डरता है, किसानों, छात्रों, शाहीनबाग की दादियों से खौफ में रहता है!