Results For "Vishnu Nagar "

विष्णु नागर का व्यंग्य: 22वीं सदी में भी भारत की कमान संभालने को तैयार हैं नरेंद्र भाई, तैयारियां पूरी!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: 22वीं सदी में भी भारत की कमान संभालने को तैयार हैं नरेंद्र भाई, तैयारियां पूरी!

विष्णु नागर का व्यंग्य: मोदी जी ने न केवल भारत को बल्कि विश्व को भी गंभीर संकट से बचा लिया! वरना...

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: मोदी जी ने न केवल भारत को बल्कि विश्व को भी गंभीर संकट से बचा लिया! वरना...

विष्णु नागर का व्यंग्य: देशभक्ति साबित करने वालों को स्वर्ण अवसर दे रही सरकार, बस करने होंगे 25 से 50 रुपए का बलिदान!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: देशभक्ति साबित करने वालों को स्वर्ण अवसर दे रही सरकार, बस करने होंगे 25 से 50 रुपए का बलिदान!

विष्णु नागर का व्यंग्य: बहुत अधिक 'विकसित' है बीजेपी वालों की बुद्धि, ये किसी अनजान ग्रह से आए हुए लोग हैं!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: बहुत अधिक 'विकसित' है बीजेपी वालों की बुद्धि, ये किसी अनजान ग्रह से आए हुए लोग हैं!

विष्णु नागर का व्यंग्य: बादलों वक्त की नज़ाकत को समझो, जब पीएम मोदी की इजाजत हो तभी बरसो, वरना...!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: बादलों वक्त की नज़ाकत को समझो, जब पीएम मोदी की इजाजत हो तभी बरसो, वरना...!

विष्णु नागर का व्यंग्य: मोदी जी का नया खेल, अग्निपथ पर चलाकर युवाओं को बनाएंगे अग्निवीर!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: मोदी जी का नया खेल, अग्निपथ पर चलाकर युवाओं को बनाएंगे अग्निवीर!

विष्णु नागर का व्यंग्य: आश्चर्य होना अब मूर्खता की निशानी, कौन अब आश्चर्यचकित होता है?

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: आश्चर्य होना अब मूर्खता की निशानी, कौन अब आश्चर्यचकित होता है?

विष्णु नागर का व्यंग्य: 130 करोड़ के देश में अकेले पीएम मोदी हैं सत्यवादी, उनपर डाल दिया गया है सच बोलने का सारा बोझ!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: 130 करोड़ के देश में अकेले पीएम मोदी हैं सत्यवादी, उनपर डाल दिया गया है सच बोलने का सारा बोझ!

विष्णु नागर का व्यंग्य: मोदी जी को जो प्रधानमंत्री मानते हैं, वे गलत करते हैं, वो तो राजा हैं!

विचार

विष्णु नागर का व्यंग्य: मोदी जी को जो प्रधानमंत्री मानते हैं, वे गलत करते हैं, वो तो राजा हैं!

विष्णु नागर का व्यंग: मंदिर ही अब स्कूल-कॉलेज माने जाएँगे, घंटी बजाना होगी सबसे बड़ी योग्यता

विचार

विष्णु नागर का व्यंग: मंदिर ही अब स्कूल-कॉलेज माने जाएँगे, घंटी बजाना होगी सबसे बड़ी योग्यता