सिनेमा

सिनेजीवन: फायरिंग के वक्त घर पर मौजूद थे रोहित शेट्टी, सामने आई अहम जानकारी और 'विलेन पैदा नहीं होते...'

फिल्म निर्देशक और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना में वह घर पर मौजूद थे, लेकिन संयोग से सुरक्षित रहे।

फोटो: IANS
फोटो: IANS 

फिल्म निर्माता-निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर फायरिंग की घटना को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। मुंबई पुलिस के अनुसार, जिस वक्त फायरिंग हुई थी, उस समय रोहित शेट्टी घर पर ही मौजूद थे।

फिल्म निर्देशक और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना में वह घर पर मौजूद थे, लेकिन संयोग से सुरक्षित रहे। घटना के समय रोहित अपनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर आराम कर रहे थे। जब बाहर से गोलियां चलीं, तब वह घर के अंदर ही थे। इस दौरान उन्हें कोई चोट नहीं आई और वह सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार, शुरुआत में सिक्योरिटी गार्ड को लगा कि बाहर तेज पटाखे फूट रहे हैं। लेकिन सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद साफ हो गया कि अज्ञात हमलावरों ने रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर फायरिंग की थी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई, हालांकि किसी को कोई चोट नहीं आई। मुंबई पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।

क्राइम ब्रांच ने तुरंत जांच शुरू की और 12 से ज्यादा स्पेशल टीमों का गठन किया गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। मामले को लेकर रोहित शेट्टी का बयान शनिवार को दर्ज कर लिया गया। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और जांच पर पूरा भरोसा है।

वहीं, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी खुफिया जानकारी और स्थानीय सूत्रों की मदद से पुलिस पुणे तक पहुंची। पुणे से पांच संदिग्धों को डिटेन किया गया, जिनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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शेखर कपूर ने ओटीटी पर देखी 'धुरंधर'; छोटे कलाकारों की भूमिका को बताया अहम, दूसरे भाग का इंतजार

लगभग 56 दिनों तक बॉक्स ऑफिस पर राज करने के बाद फिल्म 'धुरंधर' ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है।

ओटीटी रिलीज से पहले बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई 800 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है और हर तरफ से धमाकेदार रिस्पांस मिल रहा है। अब हिंदी फिल्म निर्देशक, निर्माता और अभिनेता शेखर कपूर ने फिल्म को बेहतरीन बताते हुए कहा है कि वे 'धुरंधर-2' के रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।

अभिनेता शेखर कपूर ने हाल ही में फिल्म धुरंधर देख ली है और फिल्म में उन्हें बड़े से लेकर छोटे किरदारों की भूमिका भी दिल छू लेने वाली लगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा, "आखिरकार नेटफ्लिक्स पर धुरंधर देख ली। शानदार कहानी और छोटे किरदारों में भी कलाकारों का अभिनय बेहद बेहतरीन है। निर्देशक आदित्य धर तारीफ के पात्र हैं। निर्माता ज्योति देशपांडे को बधाई और धुरंधर-2 का बेसब्री से इंतजार है।" '

धुरंधर' की तारीफ इंडस्ट्री के ज्यादातर लोगों ने की है, और मेकर्स को खुद यकीन नहीं था कि फिल्म इतनी जबरदस्त कमाई करने वाली है। तकरीबन 250 करोड़ के बजट में बनी फिल्म सिर्फ भारत में 800 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन करने में कामयाब रही है, जबकि ग्लोबल लेवल पर फिल्म ने 1000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है।

मेकर्स पहले ही फिल्म के दूसरे पार्ट 'धुरंधर-2' की घोषणा भी कर चुके हैं, जो सिनेमाघरों में 19 मार्च को रिलीज हो चुकी है। माना जा रहा है कि फिल्म में इस बार अर्जुन रामपाल यानी मेजर इकबाल और रणवीर सिंह के बीच घमासान होगा। रहमान डकैत की मौत के बाद मेजर इकबाल क्रूरता की हदें पार करते दिखेंगे।

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ग्रैमी अवॉर्ड 2026 : भारतीय कलाकारों ने दिखाई मजबूत दावेदारी, पुरस्कार से चूके ये सितारे

संगीत जगत के ऑस्कर के नाम से मशहूर ग्रैमी अवॉर्ड्स के 68वें सीजन का आयोजन लॉस एंजिल्स में चल रहा है। इस बार कई भारतीय कलाकारों ने अपनी मजबूत दावेदारी दिखाई। हालांकि, वे पुरस्कार पाने में असफल रहे।

इस बार ग्रैमी में कोई भी भारतीय कलाकार जीत नहीं सका। हालांकि, भारत का ग्रैमी इतिहास गौरवशाली रहा है। पंडित रवि शंकर से लेकर उस्ताद जाकिर हुसैन तक कई महान कलाकारों ने यह सम्मान अपने नाम कर भारत का परचम लहराया है। फिर भी, साल 2026 में भारतीय दावेदारों को जीत नहीं मिली, जबकि नामांकन सूची में तीन भारतीय नाम शामिल थे।

पंडित रवि शंकर की बेटी और सितार वादक अनुष्का शंकर को ग्रैमी में दो नामांकन मिले थे। उनको सहयोगी ईपी चैप्टर आईआईआई वी रिटर्न टू लाइट को आलम खान और सरथी कोरवार के साथ बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम में और ट्रैक डेब्रेक को बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस में नॉमिनेशन मिला था। अनुष्का ने 13वीं बार नामांकन पाकर इतिहास रचा, लेकिन दोनों श्रेणियों में वे जीत से चूक गईं।

वहीं, ग्रैमी नॉमिनेशन में इंडो-अमेरिकी जैज पियानिस्ट चारू सूरी का नाम भी शामिल रहा। उन्होंने पहली बार नामांकन हासिल किया। उनका एल्बम श्यान बेस्ट कंटेम्परेरी इंस्ट्रुमेंटल एल्बम में शामिल था। इसके साथ ही फ्यूजन बैंड शक्ति (शंकर महादेवन, जॉन मैकलॉघलिन, गणेश राजगोपालन और वी. सेल्वागणेश के बैंड) को दो नामांकन मिले। उनका लाइव एल्बम माइंड एक्सप्लोसन बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम में और ट्रैक शेरनी ड्रीम बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस में था। शक्ति ने पहले भी ग्रैमी जीते हैं, लेकिन इस बार सफलता नहीं मिली।

सिद्धांत भाटिया का एल्बम साउंड ऑफ महाकुंभ भी बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम में नामांकित था, जो उनकी पहली नामांकन थी।

भारत इस बार पुरस्कार से चूक गया, लेकिन इन कलाकारों की वैश्विक पहचान भारतीय संगीत की बढ़ती ताकत और क्लासिकल, फ्यूजन और कंटेम्परेरी शैलियों में भारत का योगदान जारी है।

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विलेन पैदा नहीं होते... मल्लिका प्रसाद ने बताई 'मर्दानी 3' के 'अम्मा' की खास बात

रानी मुखर्जी स्टारर हालिया रिलीज फिल्म 'मर्दानी 3' को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। फिल्म की कहानी के साथ ही उसके कलाकारों को दर्शक काफी पसंद कर रहे। इस बीच फिल्म में अहम रोल प्ले करने वाली एक्ट्रेस मल्लिका प्रसाद ने किरदार पर बात की।

मल्लिका प्रसाद ने 'मर्दानी 3' में निभाए विलेन किरदार 'अम्मा' के जरिए समाज में हिंसा और अपराध की जड़ों पर गहरी बात कही है। मल्लिका का मानना है कि विलेन जन्म से खराब या गलत नहीं होते, बल्कि समाज और सिस्टम उन्हें ऐसा बना देता है।

मल्लिका ने बताया, "विलेन पैदा नहीं होते, दरअसल, समाज लोगों को बनाता है और उनका व्यवहार तय करता है। अम्मा का किरदार भी कुछ ऐसा ही है। अम्मा के मामले में यह कोई सीधी हिंसा नहीं है, बल्कि सिस्टम की हिंसा है। यह ढांचे की हिंसा है।"

उन्होंने आगे बताया कि अम्मा एक ऐसे भ्रष्ट और क्रूर सिस्टम के अंदर काम करती है, जो चुपचाप उत्पीड़न और हिंसा को बढ़ावा देता है, वास्तव में यह गटर के नियमों से खेलने वाली हिंसा है। यहां नैतिकता की गिरावट इतनी गहरी हो जाती है कि खतरनाक और हानिकारक काम भी सामान्य लगने लगते हैं।"

मल्लिका ने बताया कि फिल्म में दिलचस्प बात यह है कि अम्मा का कोई भी सीन शारीरिक हिंसा दिखाने वाला नहीं है। मल्लिका ने कहा, "अम्मा कभी खुद शारीरिक रूप से हिंसक नहीं दिखती, लेकिन उसकी वजह से बहुत सारी हिंसा होती है। यह बताता है कि समाज में हिंसा सिर्फ मुक्के-लात से नहीं, बल्कि सिस्टम और ताकत के दुरुपयोग से भी होती है। मैं यही मुश्किलें फिल्म के जरिए दिखाना चाहती हूं।"

'मर्दानी 3' मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी है, जो रानी मुखर्जी के किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के इर्द-गिर्द घूमती है। यह फिल्म समाज की अंधेरी सच्चाइयों को बेनकाब करती है और खास मुद्दे को सिनेमा के जरिए दर्शकों के सामने पेश करती है।

फिल्म में 'शैतान' फेम एक्ट्रेस जानकी बोडीवाला भी अहम भूमिका में हैं। वहीं, स्क्रिप्ट आयुष गुप्ता ने लिखी है, जो 'द रेलवे मेन' में भी काम कर चुके हैं। मर्दानी फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म साल 2014 में रिलीज हुई थी, जिसमें रानी मुखर्जी के साथ जिशू सेनगुप्ता, ताहिर राज भसीन और अनंत विधात शर्मा थे। दूसरी फिल्म साल 2019 में रिलीज हुई, जिसे गोपी ने डायरेक्ट किया था और विशाल जेठवा भी इसमें थे।

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