अपराध

आरजी कर केसः मनोचिकित्सक का दावा- डॉक्टर अत्यधिक तनाव में थी, मौत से एक महीने पहले मांगी थी मदद, CBI पर उठे सवाल

मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने दावा किया कि लंबे समय तक ड्यूटी, शिफ्ट आवंटन में भेदभाव और अस्पताल में अनियमितताओं के बारे में जानकारी से पीड़िता मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान थी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह सीबीआई के सामने गवाही देने के लिए तैयार हैं।

मनोचिकित्सक का दावा- डॉक्टर अत्यधिक तनाव में थी, मौत से एक महीने पहले मांगी थी मदद, CBI पर उठे सवाल
मनोचिकित्सक का दावा- डॉक्टर अत्यधिक तनाव में थी, मौत से एक महीने पहले मांगी थी मदद, CBI पर उठे सवाल फाइल फोटोः सोशल मीडिया

कोलकाता के एक मनोचिकित्सक ने सोमवार को दावा किया कि आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या के मामले की पीड़िता डॉक्टर विभिन्न कारणों से गंभीर मानसिक तनाव में थी और उसने पिछले साल नौ अगस्त को अपनी मौत से करीब एक महीने पहले पेशेवर मदद मांगी थी। इस खुलासे से सीबीआई जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला चिकित्सक का शव नौ अगस्त 2024 को उत्तर कोलकाता स्थित सरकारी अस्पताल के सम्मेलन कक्ष में मिला था।

Published: undefined

मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने दावा किया कि लंबे समय तक ड्यूटी, ‘शिफ्ट’ के आवंटन में भेदभाव और सरकारी अस्पताल में ‘‘अनियमितताओं के बारे में जानकारी’’ से 30 वर्षीय चिकित्सक मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान थी। रणदीप ने एक प्रमुख बांग्ला टीवी चैनल से कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सीबीआई के सामने गवाही देने के लिए तैयार हैं, जिसने बलात्कार-हत्या मामले की जांच की है।

Published: undefined

मनोचिकित्सक रणदीप ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे 36 घंटे की लगातार ड्यूटी, ‘रोस्टर’ में ‘शिफ्ट’ के आवंटन में भेदभाव और दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कई अनियमितताओं का पता लगने के कारण उन पर पड़ रहे गंभीर मानसिक दबाव के बारे में बताया था। मैंने उनसे पूछा कि क्या सभी को एक जैसी शिफ्ट दी जाती है, तो उन्होंने ‘ना’ में जवाब दिया।’’

Published: undefined

मनोचिकित्सक ने कहा कि उन्होंने परास्नातक प्रशिक्षु (पीजीटी) चिकित्सक को परामर्श दिया था और उसे आगे के परामर्श के लिए वापस आना था। रणदीप ने कहा, ‘‘हालांकि ऐसा नहीं हो सका।’’ रणदीप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सीबीआई के सामने गवाही देने के लिए तैयार हैं, जिसने बलात्कार-हत्या मामले की जांच की है। ऐसे में सीबीआई पर सवाल खड़े हो गए हैं कि उसे जांच में इस बात का पता क्यों नहीं चला।

Published: undefined

महिला के माता-पिता और उसके सहकर्मियों के एक वर्ग ने पहले दावा किया था कि उसे अस्पताल द्वारा दवाओं और उपकरणों की खरीद में कुछ अनियमितताओं पर सवाल उठाने के लिए प्रताड़ित किया गया था। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को सीबीआई को निर्देश दिया था कि एजेंसी आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले की जांच से संबंधित ‘केस डायरी’ अगली सुनवाई पर पेश करे।

Published: undefined

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined