
उत्तर प्रदेश के शामली में इंटरनेशनल भजन गायक अजय पाठक की पूरे परिवार सहित निर्मम हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मंगलवार को हुए इस हत्याकांड में सनसनीखेज तरीके से पाठक परिवार के सभी चार सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। सुबह अजय पाठक के 10 साल के एकलौते बेटे की भी लाश मिली थी। हत्याकांड के बाद लखनऊ तक हड़कंप मच गया था और शामली में चर्चाओं का बाजार गर्म था। अब पता चला है कि महाराज अजय पाठक के शिष्य हिमांशु सैनी ने ही इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया है। हिमांशु सैनी को पुलिस ने पानीपत में अजय पाठक की गाड़ी को आग लगाते हुए धर दबोचा। पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है।
बता दें कि मंगलवार की शाम शामली के थाना आदर्श मंडी क्षेत्र की पंजाबी कॉलोनी में एक ही घर में तीन शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। घर में अजय पाठक, उनकी पत्नी और बेटी को धारदार हथियार से काटकर मार डाला गया था। अजय पाठक अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भजन गायक थे। उनकी हत्या के बाद प्रदेश पुलिस सकते में आ गई थी। एसपी शामली के मुताबिक महाराज अजय के परिवार की हत्या उनके शिष्य ने ही की है। पुलिस ने बताया कि हिमांशु सैनी अजय पाठक की मंडली में पिछले दो-ढाई साल से काम करता था और उसका पाठक के घर आना-जाना भी रहता था। वह अक्सर रात में अजय पाठक के यहां रुक भी जाया करता था।
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एसपी शामली विनीत जायसवाल द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान आरोपी हिमांशु सैनी ने हत्याकांड की पूरी कहानी खुद सुनाई। उसके अनुसार उसकी माली हालत ठीक नहीं चल रही थी। उस पर कई लोगों का कर्ज भी हो गया था। इसके अतिरिक्त उसने बैंक से भी लाखों का लोन ले रखा था।जिसकी किस्त समय से वापस न लौटाने के कारण उसके विरुद्ध नोटिस भी जारी हुआ था। इससे वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। पुलिस के सामने आरोपी हिमांशु सैनी ने बताया कि उसने महराज अजय पाठक को छोटी-छोटी धनराशि के रूप में तकरीबन 60000 रुपये उधार दे रखे थे।जिसे वापस मांगने पर अजय पाठक ने उसे अपमानित किया था।
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उसने बताया कि घटना वाली रात भी जब हिमांशु ने अपने पैसे मांगे तो अजय पाठक द्वारा उसे अपशब्द कहकर डांट दिया गया। जिससे अपमानित होकर तथा अच्छे पैसे मिलने की लालच में आकर उसने इस घटना को अंजाम दे दिया। हिमांशु रात में अजय पाठक के घर पर ही रुका और 3:00 बजे रात उठकर उसने पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रहे अजय पाठक के ऊपर घर में ही मौजूद तलवार से कई वार कर उनकी हत्या कर दी। उसी कमरे में दवाई लेकर सोई हुई अजय की पत्नी स्नेहा के जागने पर उसको भी तलवार से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी हिमांशु को शक हुआ कि कहीं अजय पाठक की बेटी वसुंधरा और बेटा भागवत को इस हत्या की जानकारी ना हो जाए, इसलिए वह तुरंत इसी मंजिल पर दूसरे कमरे में सो रहे वसुंधरा और भागवत के कमरे में पहुंचा, जहां उसने वसुंधरा के ऊपर तलवार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसी बीच भागवत के जागने पर उसका गला दबाकर उसकी भी हत्या कर दी।
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पुलिस के अनुसार उसके बाद आरोपी हिमांशु ने योजना बनाई कि चारों को उनकी निजी कार इको स्पोर्ट में डालकर कहीं ले जाकर ठिकाने लगा देगा, जिससे किसी को भी पता नहीं लग सकेगा।हिमांशु भागवत और वसुंधरा को एक-एक कर पहली मंजिल से ग्राउंड फ्लोर पर लेकर आया और बाहर खड़ी इको स्पोर्ट की डिग्गी खोलकर अजय पाठक के 10 वर्षीय बेटे भगवत की बॉडी को गाड़ी की डिग्गी में डालकर अपने साथ ले गया, लेकिन वसुंधरा का शरीर भारी होने के कारण उसे गाड़ी में नहीं ला सका। वसुंधरा की लाश को नीचे के कमरे में रजाई में ढंककर कमरे को बाहर से ताला लगा दिया, जिससे लोग ये समझें कि परिवार यहां नही है।
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अजय पाठक के 10 वर्षीय बेटे भागवत की लाश को गाड़ी में डालकर वहां से निकले हिमांशु का प्लान था कि घर के बाहर ताला लगा और गाड़ी को घर पर नहीं देखकर सभी को यह लगेगा कि अजय पाठक परिवार सहित कहीं चले गए हैं। फिर रात होने पर वह वापस अजय के घर पहुंचकर तीनों लाशों को गाड़ी से ले जाकर कहीं ठिकाने लगा देगा। साथ ही घर में रखे नगदी और अन्य सामान पर हाथ साफ कर लेगा। लेकिन शाम के वक्त घटना की सूचना पुलिस को लगने पर वह डर गया और सबूतों को मिटाने के मकसद से उसने पानीपत टोल प्लाजा के पास गाड़ी को पाठक के बेटे भागवत सहित पेट्रोल डालकर आग लगा दी, लेकिन तभी मौके पर पानीपत पुलिस पहुंच गई, जिसने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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