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मदरसों के राष्ट्रवादी होने की परीक्षा लेगी योगी सरकार : स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों के सबूत के तौर पर मांगे वीडियो और फोटो

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस साल स्वतंत्रता दिवस पर राज्य के मदरसों की राष्ट्रभक्ति का सबूत मांगा है। साथ ही स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम कैसे मनाया जाए, इसकी रूपरेखा भी सरकार ने ही तय कर दी है।

उत्तर प्रदेश के एक मदरसे में पढ़ते बच्चे /फोटो - Getty Images
उत्तर प्रदेश के एक मदरसे में पढ़ते बच्चे /फोटो - Getty Images 

उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने राज्य के सभी मंडलों के अल्पसंख्यक कल्याण उप निदेशकों और सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट आदेश दिए हैं कि मदरसों में होने वाले कार्यक्रमों की पुष्टि के लिए कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो सबूत के तौर पर पेश किए जाएं।

योगी सरकार द्वारा जारी किया आदेश पत्र

कार्यक्रम की जो रूपरेखा सरकार की तरफ से तय की गयी है उसमें स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण, स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि, स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश, मदरसों के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गीतों का प्रस्तुतीकरण, स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले सेनानियों और शहीदों के बारे में जानकारी देना, राष्ट्रीय एकता पर पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन और खेलकूद आदि प्रतियोगिताएं आयोजन कराना शामिल है।

उत्तर प्रदेश के एक मदरसे में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की फाइल फोटो / Getty Images

पत्र में सभी अधिकारियों को से कहा गया है कि वे अपने-अपने जिले के सभी मदरसों में ये कार्यक्रम कराना सुनिश्चित करें और कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराकर आदेश का पालने होने का सबूत पेश करें।

मीडिया में आयी रिपोर्टों को मुताबिक उत्तर प्रदेश के मदरसा संगठनों ने योगी सरकार के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार मदरसों को शक की निगाह से देख रही है।

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