
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी
एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में भी सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ कारोबार करते दिए दिखाई
धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। सोमवार को आई मामूली रिकवरी ज्यादा देर टिक नहीं पाई और मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं पर फिर दबाव देखने को मिला। एमसीएक्स पर सोने और चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा तक की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख, ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की संभावना और मजबूत रुपए के चलते सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिली।
घरेलू बाजार में सोना करीब 1 प्रतिशत गिरकर 1.39 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गया, जबकि चांदी का भाव करीब 3 प्रतिशत फिसलकर 1.78 लाख प्रति किलोग्राम के करीब आ गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,40,186 रुपए से 766 रुपए या 0.54 प्रतिशत गिरकर 1,39,420 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि दिन के कारोबार में एक समय यह 1,508 रुपए यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 1,38,678 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर आ गया।
वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 1,83,779 रुपए से 892 रुपए या 0.48 प्रतिशत फिसलकर 1,82,887 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली, वहीं दिन के कारोबार में एक समय यह 5,667 रुपए यानी 3.08 प्रतिशत टूटकर 1,78,112 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में मंगलवार को सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। सोना करीब 1.05 प्रतिशत टूटकर 3,928 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, तो वहीं चांदी 3.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59.25 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से पहले निवेशक सतर्क हैं और फिलहाल बाजार में जोखिम लेने की इच्छा सीमित बनी हुई है। यही वजह है कि सोमवार की रिकवरी के बाद भी भारी खरीदारी देखने को नहीं मिली।
बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर में कमजोरी सामान्य रूप से सोने को समर्थन देती है, लेकिन फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और ऊंची ब्याज दरों की आशंका ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊंचे कच्चे तेल के दाम महंगाई संबंधी चिंताओं को बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। बाजार अब दिसंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को पहले की तुलना में थोड़ा कम मान रहा है, लेकिन अनिश्चितता अभी बरकरार है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.40 लाख रुपए से 1.41 लाख रुपए का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, और नीचे 1.37 लाख रुपए से 1.38 लाख रुपए का क्षेत्र अहम सपोर्ट माना जा रहा है। चांदी के लिए 1.78 लाख रुपए से 1.80 लाख रुपए का सपोर्ट जोन है, जबकि ऊपर की ओर 1.86 लाख रुपए से 1.88 लाख रुपए का स्तर मजबूत प्रतिरोध बना हुआ है।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट ने कुछ राहत जरूर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड में भारी बिकवाली देखी गई है, क्योंकि ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के बाद तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, इसलिए निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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