
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति बनने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार सोमवार को लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 736 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी में 231 अंक की तेजी रही।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत चढ़कर 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,293.12 अंक यानी 1.71 प्रतिशत चढ़कर 76,821.07 अंक तक पहुंच गया था।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 231 अंक यानी 0.98 प्रतिशत बढ़कर 23,853.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 388.5 अंक यानी 1.64 प्रतिशत चढ़कर 24,011.40 अंक तक चला गया था।
यह घरेलू शेयर बाजार में बड़ी तेजी का लगातार दूसरा सत्र रहा। पिछले सत्र में शुक्रवार को भी सेंसेक्स 1,695 अंक चढ़ा था और निफ्टी 461 अंक के लाभ में रहा था।
विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका एवं ईरान के बीच 107 दिन तक चला संघर्ष खत्म करने के लिए समझौता होने की घोषणा से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बनी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब पांच प्रतिशत लुढ़ककर लगभग 82.90 डॉलर प्रति बैरल रह गई। यह कच्चे तेल के तीन महीने के निचले स्तर के आसपास है।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटर्नल और मारुति के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए।
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रुपया सोमवार को 47 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.71 (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने की घोषणा करने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में मजबूत शुरुआत और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी रुपये को समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.70 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.45 से 94.77 के दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में यह 94.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 47 पैसे की बढ़त है।
रुपया शुक्रवार को 95.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
अमेरिका और ईरान ने 107 दिन तक चले युद्ध को समाप्त करने और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई है। इस समझौते को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर के बाद शुक्रवार को अंतिम रूप दिया गया।
ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर रविवार को इसकी घोषणा की। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ। अधिकारियों के अनुसार, शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति में वृद्धि और अमेरिका–ईरान समझौते के बीच भारतीय रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत हुआ। इससे वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों में तेज उछाल आया और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने भी रुपये को समर्थन दिया।’’
उन्होंने बताया कि डॉलर के मुकाबले रुपये के हाजिर भाव के मंगलवार को 94.20 से 94.95 के बीच रहने के आसार हैं।
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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से ऊर्जा बाजारों में तेज बिकवाली के बीच सोमवार को कच्चे तेल का वायदा भाव पांच प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ तीन महीने के निचले स्तर 7,624 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंधों की कीमत 449 रुपये या 5.56 प्रतिशत टूटकर 7,624 रुपये प्रति बैरल रह गई। इसमें 10,716 लॉट का कारोबार हुआ।
जुलाई में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 422 रुपये या 5.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,546 रुपये प्रति बैरल हो गई। इसमें 5,110 लॉट का कारोबार हुआ। विश्लेषकों के अनुसार, अब यह 11 मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया है जब यह 7,558 रुपये प्रति बैरल था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगस्त में आपूर्ति वाले ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 3.81 अमेरिकी डॉलर या 4.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.52 डॉलर प्रति बैरल रह गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के जुलाई अनुबंध की कीमत न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर 4.16 अमेरिकी डॉलर या 4.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.72 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता होने की घोषणा करने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है।
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अमेरिका और ईरान द्वारा शांति समझौते की पुष्टि के बाद, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में कमी आने से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार के साथ ही कीमती धातुओं में भी भारी उछाल देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा सोना अपने पिछले बंद 1,50,528 रुपए से 3,301 रुपए की भारी उछाल के साथ 1,53,829 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो खबर लिखे जाने तक दिन का उच्चतम स्तर रहा।
वहीं, एमसीएक्स सिल्वर जुलाई वायदा अपने पिछले बंद 2,46,186 रुपए से 5,377 रुपए की जबरदस्त तेजी के साथ 2,51,563 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 3 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 2,53,345 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, खबर लिखे जाने तक (दोपहर 12.09 बजे के करीब) एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.48 प्रतिशत यानी 2,222 रुपए की उछाल के साथ 1,52,750 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2.20 प्रतिशत यानी 5,414 रुपए की तेजी के साथ 2,51,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के सुबह के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 999 प्यूरिटी वाला सोना 1,50,169 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जबकि 999 प्यूरिटी वाली चांदी की कीमत 2,51,011 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
सोने-चांदी की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ शांति समझौता हो गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा, जिससे चार महीने से चल रहे संघर्ष का अंत हो गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग से नाकाबंदी हटा ली है, जो विश्व ऊर्जा व्यापार के लिए एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और दोनों देशों के बीच तनाव के कारण काफी हद तक बाधित रहा था।
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