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अर्थतंत्र की खबरें: निफ्टी ने छुआ नया शिखर, सेंसेक्स ने 573 अंकों की छलांग लगाई और रुपया फिर 90 के पार

निफ्टी अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद 182 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 573 अंकों की तेजी दर्ज की गई।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया 

बिजली, बैंक और धातु शेयरों में मजबूत खरीदारी से शुक्रवार को प्रमुख इक्विटी सूचकांक निफ्टी अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद 182 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 573 अंकों की तेजी दर्ज की गई।

कारोबारियों के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों की तरफ से पूंजी निवेश का सिलसिला जारी रहने और एशियाई बाजारों में मजबूती से घरेलू शेयर बाजारों को तगड़ा समर्थन मिला।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 573.41 अंक यानी 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 85,762.01 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 623.67 अंक चढ़कर 85,812.27 तक पहुंच गया था।

इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 182 अंक यानी 0.70 प्रतिशत बढ़कर 26,328.55 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय निफ्टी 193.45 अंकों की बढ़त के साथ 26,340 का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर भी हासिल किया।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से एनटीपीसी, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, मारुति, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल शामिल हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,525.89 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुए। चीन का शंघाई कम्पोजिट और जापान का निक्की अवकाश के कारण बंद रहे।

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया फिर 90 के पार, 22 पैसे टूटकर 90.20 पर बंद

रुपया शुक्रवार को फिर 90 के स्तर से नीचे फिसल गया और 22 पैसे टूटकर 90.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। निराशाजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने से रुपया दबाव में रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी तथा आयातकों की मजबूत डॉलर मांग ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया।

उन्होंने कहा कि हालांकि कच्चे तेल की कमजोर कीमतों और घरेलू शेयर बाजारों में उछाल ने गिरावट को कुछ हद तक अंकुश लगाया। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा किसी भी हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 89.95 पर खुला। कारोबार के दौरान 90.25 प्रति डॉलर के निचले और 89.92 प्रति डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंचा। अंत में डॉलर के मुकाबले 90.20 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 22 पैसे की गिरावट है। रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.98 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (जिंस) अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘निराशाजनक वृहत आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर में मजबूती से भारतीय रुपया शुक्रवार को एक बार फिर 90 के अंक के पार चला गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निकासी का भी रुपये पर दबाव रहा।’’

अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ हालांकि, कच्चे तेल की कमजोर कीमतों और घरेलू शेयर बाजारों में उछाल ने गिरावट को कुछ हद तक कम कर दिया। आरबीआई के सरकारी बैंकों के माध्यम से डॉलर बेचने की खबरें हैं जिससे गिरावट की गति को रोकने में मदद मिली।’’

इस बीच, देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां दिसंबर में दो साल के निचले स्तर पर आ गईं। नए ऑर्डर में धीमी वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही। शुक्रवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई।

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एफएआईएफए ने तंबाकू पर बढ़े टैक्स को वापस लेने की मांग की

अखिल भारतीय किसान संघों का महासंघ (एफएआईएफए) ने सरकार से तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए भारी टैक्स वापस लेने और उनमें सुधार की अपील की है। एफएआईएफए का कहना है कि टैक्स को ऐसा रखा जाए, जिससे सरकार की आय पर असर न पड़े और तस्करी (अवैध बिक्री) भी न बढ़े, साथ ही किसानों को नुकसान न हो।

एफएआईएफए ने शुक्रवार को एक बयान में कहा है कि अगर कर नीति स्थिर और संतुलित रहेगी, तो इससे किसानों की आमदनी बनी रहेगी, रोजगार सुरक्षित रहेगा और लंबे समय में लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े लक्ष्य भी पूरे किए जा सकेंगे।

वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर तंबाकू से जुड़े कुछ उत्पादों पर 1 फरवरी से नया उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) लगाया है। इसके तहत सिगरेट की लंबाई के हिसाब से 1,000 सिगरेट पर 2,050 रुपए से 8,500 रुपए तक टैक्स लगेगा।

एफएआईएफए का कहना है कि इतने ज्यादा टैक्स से कंपनियों को अपने उत्पादों की कीमत बढ़ानी पड़ेगी। इससे बिक्री घटेगी और अंत में किसानों से तंबाकू की खरीद कम हो जाएगी। इससे बाजार में तंबाकू ज्यादा होगा और किसानों को नुकसान हो सकता है।

एफएआईएफए के अध्यक्ष मुरली बाबू ने कहा कि सरकार ने जीएसटी 2.0 की घोषणा करते समय भरोसा दिया था कि तंबाकू पर कुल टैक्स पहले जैसा ही रहेगा और जीएसटी खुदरा कीमत के 40 प्रतिशत पर ही लगेगा।

उन्होंने बताया कि किसानों ने सरकार के इस भरोसे पर विश्वास किया था और जीएसटी के नियमों में बदलाव का स्वागत भी किया था, क्योंकि इससे कुछ चीजों की कीमतें कम हुई थीं।

सरकार से अपील करते हुए एफएआईएफए के लीडर्स ने कहा कि भारत में कानून के हिसाब से सिगरेट पहले ही काफी महंगी हैं, खासकर लोगों की आमदनी के हिसाब से। यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट में भी सामने आई है।

अगर टैक्स और बढ़ाया गया, तो लोग सही उत्पाद छोड़कर अवैध सामान खरीदने लगेंगे। इससे न तो सरकार को टैक्स मिलेगा और न ही किसानों को फायदा होगा।

एफएआईएफए ने सरकार से अपील की कि टैक्स नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे कानून मानने वाले किसानों और उद्योगों को सजा न मिले।

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अडानी टोटल गैस ने सीएनजी, पाइप से मिलने वाली गैस की कीमतें घटाईं

अडानी समूह और फ्रांसीसी ऊर्जा कंपनी टोटलएनर्जीज के संयुक्त उद्यम अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) ने कई बाजारों में सीएनजी और खाना पकाने के लिए पाइप से मिलने वाली प्राकृतिक गैस की कीमतों में कटौती की है। इससे आम उपभोक्ताओं और वाहन चालकों को सीधी राहत मिली है।

कंपनी ने कहा कि सीएनजी और घरेलू पाइप प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की कीमतों में अधिकतम चार रुपये तक की कटौती हुई है।

यह कटौती पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा किए गए ऐतिहासिक शुल्क सुधार के बाद की गई है। इसके तहत गैस परिवहन शुल्क को सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे सिटी गैस वितरकों की लागत कम हुई।

एटीजीएल ने कहा कि कीमतों में कटौती क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है, जो परिवहन जोन पर निर्भर है। गुजरात और उससे सटे मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र क्षेत्रों में सीएनजी अब 0.50 रुपये से 1.90 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है। यहां पीएनजी की कीमत में अधिकतम 1.10 रुपये प्रति मानक घन मीटर की कमी आई है।

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा-एनसीआर, उत्तरी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश क्षेत्रों में सीएनजी की कीमत 1.40 रुपये से 2.55 रुपये प्रति किलोग्राम तक घटी है। यहां पीएनजी 1.10 रुपये से 4.00 रुपये प्रति मानक घन मीटर तक सस्ती हुई है।

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