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अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार तेजी के साथ बंद, सेंसेक्स में 753 अंकों की बढ़त और रुपया में गिरावट जारी

कच्चे तेल में नरमी और ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन चढ़कर बंद हुए। सेंसेक्स 753 अंक चढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी 212 अंक की बढ़त में रहा।

फाइल फोटोः सोशल मीडिया
फाइल फोटोः सोशल मीडिया 

पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के चलते वैश्विक बाजार से मिले-जुले संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत बढ़त देखी गई, और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए। और इसतरह सेंसेक्स और निफ्टी50 ने लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी, क्योंकि निवेशक अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर सतर्क रूप से आशावादी बने रहे।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 753.03 अंकों यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79,273.33 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 211.75 (0.87 प्रतिशत) की उछाल के साथ 24,576.60 पर ट्रेड करता नजर आया।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स 78,617.16 पर खुलकर करीब 750 अंकों की बढ़त के साथ 79,367.08 का इंट्रा-डे हाई बनाया, जबकि निफ्टी50 24,374.55 पर खुलकर 227 अंकों की उछाल के साथ 24,601.70 का दिन का उच्चतम स्तर छुआ।

इस दौरान, बैंक निफ्टी इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1.39 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। वहीं व्यापक बाजारों में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.49 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी में 2.14 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.50 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 1.01 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 97 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और ये सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। इसके अलावा, निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल में भी तेजी देखने को मिली। जबकि निफ्टी फार्मा का प्रदर्शन खराब रहा।

निफ्टी 50 पैक में नेस्ले इंडिया, एचयूएल, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, आईटीसी, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, विप्रो और टीसीएस के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत एसबीआई लाइफ, बीईएल, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, टाइटन, रिलायंस और एनटीपीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

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डॉलर के मुकाबले रुपया 32 पैसे टूटकर 93.48 पर

रुपया मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 32 पैसे टूटकर 93.48 (अस्थायी) पर रहा। पश्चिम एशिया शांति वार्ता की प्रगति को लेकर अनिश्चितताओं के बीच स्थिर अमेरिकी मुद्रा और अस्थिर कच्चे तेल की कीमतों के कारण घरेलू मुद्रा में गिरावट आई।

भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को रुपये में अत्यधिक सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए एक अप्रैल को जारी किए गए निर्देशों को आंशिक रूप से वापस ले लिया। आरबीआई ने गैर-डिलीवेरेबल फॉरवर्ड (एनडीएफ) बाजारों में शुद्ध खुली स्थिति (कुल विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और देनदारियों के बीच अंतर) की सीमा 10 करोड़ डॉलर तय की थी और बैंकों को 10 अप्रैल तक इसका पालन करने का आदेश दिया था।

नॉन -डिलीवरेबल फॉरवर्ड (एनडीएफ) एक नकद-निपटान वाला, अल्पकालिक विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव है जिसका उपयोग उन मुद्राओं पर हेजिंग के लिए किया जाता है जो स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय नहीं हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.25 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 93.63 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गिर गया। अंत में यह 32 पैसे की गिरावट के साथ 93.48 (अस्थायी) पर रहा।

सोमवार को रुपया 25 पैसे टूटकर 93.16 पर बंद हुआ था। हालांकि उससे पहले दो सत्रों में इसमें 47 पैसे की मजबूती आई थी।

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पाकिस्तान को सऊदी अरब से एक अरब डॉलर के कर्ज की दूसरी किस्त मिली

पाकिस्तान को सऊदी अरब से एक अरब डॉलर की दूसरी एवं अंतिम किस्त प्राप्त हुई है। यह तीन अरब डॉलर के सहायता पैकेज का हिस्सा है जिसका उद्देश्य उसके विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान के लिए तीन अरब डॉलर जमा करने की प्रतिबद्धता जताई थी और अपनी मौजूदा पांच अरब डॉलर की सुविधा को तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया था।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने सोशल मीडिया के जरिये इसकी पुष्टि की और लिखा कि उसे सऊदी अरब से दूसरी किस्त प्राप्त हो गई है जिससे पिछले सप्ताह मिले दो अरब डॉलर के बाद कुल तीन अरब डॉलर का लेनदेन पूरा हो गया।

बैंक ने कहा, ‘‘ स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को 20 अप्रैल 2026 की मूल्य तिथि पर सऊदी अरब के वित्त मंत्रालय से एक अरब डॉलर की राशि प्राप्त हुई है।’’

यह नया ऋण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सऊदी अरब यात्रा के बाद मिला है जहां उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए थे।

इसके साथ ही सऊदी अरब, केंद्रीय बैंक में कुल आठ अरब डॉलर की नकद जमा रखने वाला सबसे बड़ा एकल देश बन गया है।

सऊदी अरब ने यह जमा ऐसे समय पर करने पर सहमति जताई है जब पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 3.5 अरब डॉलर का ऋण लौटाना था।

पाकिस्तान ने ऋण को आगे बढ़ाने के लिए समझौता करने में विफल रहने पर संयुक्त अरब अमीरात को दो अरब डॉलर पिछले सप्ताह लौटा दिए थे।

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