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अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल और 'इन्वेस्टमेंट गुरु' वॉरेन बफे ने बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन पद छोड़ा

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

फोटो: IANS
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हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 1.24 प्रतिशत और 1.74 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी 50 इंडेक्स में अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और अपोलो हॉस्पिटल टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे, जबकि टीसीएस, टीएमपीवी, एसबीआई लाइफ, कोल इंडिया, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, टाटा कंज्यूमर और सन फार्मा के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता की चिंताओं के बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड में नरमी से रिस्क लेने की इच्छा बढ़ी, जिससे भारतीय इक्विटी में रिकवरी जारी रही।

बड़े सेंट्रल बैंकों द्वारा उम्मीद के मुताबिक, पॉलिसी एक्शन के बाद मिले पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों से निवेशकों का भरोसा और बढ़ा।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि रिकवरी सभी सेक्टर में दिखी, हालांकि प्रॉफिट बुकिंग के कारण आईटी शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि इस बात की चिंता बनी हुई थी कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का असर ग्लोबल टेक खर्च पर पड़ सकता है।

वॉरेन बफे 56 साल तक बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन रहने के बाद पद से हटे

दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे 50 साल से अधिक समय तक बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन पद संभालने के बाद अब इस जिम्मेदारी से मुक्त होने जा रहे हैं। कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि 96 वर्षीय बफे अब मानद चेयरमैन बनेंगे और यह भूमिका तत्काल प्रभाव से संभाल लेंगे। वह कंपनी के निदेशक बने रहेंगे।

बफे के बेटे हावर्ड बफे बर्कशायर हैथवे के नए चेयरमैन होंगे। वह 1993 से कंपनी के निदेशक मंडल में शामिल हैं।

‘ओरेकल ऑफ ओमाहा’ के नाम से मशहूर वॉरेन बफे कंपनी के निदेशक बने रहेंगे। वह 1970 से बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन पद पर हैं।

ग्रेग एबेल ने इस साल की शुरुआत में बफे की जगह एक लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर मूल्य वाले समूह के सीईओ का पद संभाला था। हालांकि, बफे अब भी दुनिया के सबसे प्रभावशाली निवेशकों में शामिल हैं।

सरकार ने थोक ग्राहकों के लिए चीनी भंडार रखने की सीमा 30 दिन तक बढ़ाई

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने थोक चीनी ग्राहकों के लिए भंडार रखने की सीमा को मौजूदा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया है, क्योंकि त्योहार आ रहे हैं और इस दौरान मांग बढ़ने की संभावना है।

अभी, जो थोक ग्राहक कच्चे माल के तौर पर उत्पादन, खपत या किसी और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए महीने में 10 टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से 15 दिन तक का भंडार रखने की इजाजत है।

खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने एक बयान में कहा कि अब यह सीमा दोगुनी कर दी जाएगी। लेकिन यह एक एक शर्त के साथ की जाएगी कि पहले की 15 दिन की सीमा से ज्यादा रखा गया कोई भी भंडार सिर्फ शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) या अग्रिम मंजूरी योजना (एएएस) के तहत आयात की गई चीनी से ही आना चाहिए।

यूपीआई पर एमडीआर से नकद लेनदेन बढ़ने की आशंका सच नहीं होगीः आरबीआई डिप्टी गवर्नर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर शिरीष चंद्र मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने से नकद लेनदेन बढ़ने की आशंका के सच साबित होने की संभावना नहीं है।

सरकार के मुताबिक, 15 अक्टूबर से व्यापारियों को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर देना होगा। हालांकि, 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये होगा। दो व्यक्तियों के बीच भुगतान और रोजमर्रा के अधिकांश कारोबारी भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेंगे।

एमडीआर लागू होने के बाद नकदी लेनदेन बढ़ने की आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर मुर्मू ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह आशंका सच होगी। यह केवल शुरुआती आशंका है।’’

सोना 1,600 रुपये मजबूत, चांदी 5,000 रुपये चमकी

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने की कीमत 1,600 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति की चिंताएं कम होने और हाल की बिकवाली के बाद निवेशकों के सर्राफा बाजार में लौटने से सोने के दाम चढ़े।

स्थानीय कारोबारियों के अनुसार 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बृहस्पतिवार के बंद भाव 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 1,600 रुपये चढ़कर 1,56,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया।

चांदी में भी जोरदार उछाल देखा गया और यह 5,000 रुपये बढ़कर 2.47 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह धातु 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बंद हुई थी।

ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘हाल में आई गिरावट के बाद सोने की कीमतों में तेज सुधार हुआ है। डॉलर और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दरों में नरमी के बीच निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ोतरी के बाद अपने निवेश को नए सिरे से तय कर रहे हैं।’’

रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.89 प्रति डॉलर पर स्थिर

रुपया शुरुआती बढ़त गंवाकर शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.89 (अस्थायी) के स्तर पर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख ने हालांकि भारतीय मुद्रा को समर्थन दिया।

उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल में नरमी से रुपये की गिरावट सीमित रही।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.75 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.71 के उच्च स्तर तक गया और अंत में 95.89 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद स्तर के बराबर है।

रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले दो पैसे मजबूत होकर 95.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इससे पहले चार सितंबर को