
शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार तेजी आई और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों के ताजा पूंजी प्रवाह, आईटी कंपनियों और एचडीएफसी बैंक के शेयर में लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 889 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 265 अंक की तेजी रही।
तीस शेयर पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 888.68 अंक यानी 1.16 प्रतिशत चढ़कर 77,654.60 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 999.57 अंक चढ़कर 77,765.49 अंक तक पहुंच गया था।
वहीं, एनएसई का 50 शेयर पर आधारित निफ्टी 264.85 अंक यानी 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,250.20 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे अधिक 4.70 प्रतिशत चढ़ा जबकि इन्फोसिस में 4.50 प्रतिशत की तेजी रही। इसके अलावा ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर अदाणी पोर्ट्स में सर्वाधिक 3.19 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एनटीपीसी के शेयर में भी गिरावट रही।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 755.33 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे बाजार धारणा को मजबूती मिली।
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतें 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहीं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के रुख के बीच चांदी 500 रुपये की हल्की तेजी के साथ 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही।
हालांकि, चांदी मंगलवार के 2,24,800 रुपये के बंद स्तर से 500 रुपये बढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) हो गई।
कारोबारियों ने कहा कि सोना एक सीमित दायरे में रहा, जबकि पिछले सत्र में तेज गिरावट के बाद चांदी में थोड़ा सुधार हुआ।बुधवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सोने का कारोबार सपाट रहा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि भारतीय रुपये के मजबूत होने से घरेलू कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ा।
रुपया बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूत होकर 16 पैसे की बढ़त के साथ 95.66 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में जोरदार लिवाली, विदेशी पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों के अनुकूल स्तर पर बने रहने से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी के ताजा प्रवाह और अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी ने भी रुपये को समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.70 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.80 से 95.48 के दायरे में घूमता रहा। अंत में यह 95.66 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की बढ़त है।
रुपया मंगलवार को 17 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.82 पर बंद हुआ था। इससे पहले लगातार दो सत्रों में इसमें कुल 74 पैसे की तेजी आई थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती और विदेशी पूंजी के प्रवाह से रुपये को समर्थन मिला। डॉलर में नरमी भी रुपये के पक्ष में रही।
उन्होंने कहा कि एफओएमसी (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) की बैठक के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है। चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.20 से 95.90 के दायरे में रह सकता है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.22 पर था।
आखिरी तारीख 31 जुलाई नजदीक आने से पहले आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है और बुधवार सुबह 11 बजे तक असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए करीब 4.70 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल हो चुके हैं। यह जानकारी आयकर विभाग की वेबसाइट पर दी गई।
आयकर विभाग के मुताबिक, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए दाखिल हुए आईटीआर में से 4.40 करोड़ वेरीफाई हो चुके हैं, जबकि करीब 2.34 करोड़ प्रोसेस हो चुके हैं।
वहीं, आयकर विभाग भी करदाताओं को जल्द से जल्द आईटीआर दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
आयकर विभाग ने सोशल मीडिया पर की एक पोस्ट में कहा कि आईटीआर भरने को कल पर न टालें और आखिरी तारीख का इंतजार न करें। जल्द से जल्द असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-2 फाइल करें।
आयकर विभाग ने करदाताओं को यह भी सलाह दी कि वे अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर लें। इसमें फॉर्म 16, वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस), फॉर्म 26एएस, बैंक स्टेटमेंट और आय से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की जांच करना शामिल है, ताकि आईटीआर में दी गई जानकारी पूरी तरह सही और सटीक हो।
आईटीआर फाइल करने के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई उन लोगों के लिए है, जिन्हें टैक्स ऑडिट की आवश्यकता नहीं होती। इसमें वेतनभोगी कर्मचारी, पेंशनभोगी, छात्र और अन्य शामिल होते हैं।
आईटीआर-1 (सहज) उन व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है जिनकी कुल आय वेतन या पेंशन, एक मकान से आय और अन्य स्रोतों (जैसे ब्याज) से होती है। इसे वही व्यक्ति भर सकता है जिसकी कुल वार्षिक आय निर्धारित सीमा 50 लाख के भीतर हो और जिसे व्यवसाय या पेशे से आय, पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) या एक से अधिक मकानों से आय न हो। सरल आय वाले अधिकांश वेतनभोगी कर्मचारी इसी फॉर्म का उपयोग करते हैं।
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