
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी लौट आई। सेंसेक्स 291 अंक चढ़कर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 90 अंक की बढ़त दर्ज की गई।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 291.17 अंक यानी 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 522.66 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 77,325.56 अंक तक चला गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 89.80 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,102.90 अंक पर बंद हुआ।
विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के फिर से लिवाली शुरू करने और रिलायंस इंडस्ट्रीज एवं एचडीएफसी बैंक के शेयरों में खरीदारी आने से बाजार को सहारा मिला।
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा में सर्वाधिक 1.87 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और बजाज फिनसर्व के शेयर भी चढ़कर बंद हुए। दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, टाइटन, पावर ग्रिड और ट्रेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान वार्ता के पहले दौर के सकारात्मक संकेतों से वैश्विक निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है, हालांकि निवेशक सतर्क रुख बनाए हुए हैं।’’
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.60 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप में 0.45 प्रतिशत की तेजी रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में बीएसई उपयोगिता खंड में 1.01 प्रतिशत, स्वास्थ्य देखभाल खंड में 0.81 प्रतिशत, ऊर्जा खंड में 0.68 प्रतिशत और तेल एवं गैस खंड में 0.68 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,635 कंपनियों के शेयर चढ़कर बंद हुए जबकि 1,754 कंपनियों में गिरावट रही और 197 अन्य अपरिवर्तित रहे।
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रुपया सोमवार को 34 पैसे कमजोर होकर 94.67 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। विदेशी बाज़ार में अमेरिकी मुद्रा की मज़बूती के कारण रुपये पर दबाव है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपये में उतार-चढ़ाव बना रहा। स्थिर ऋण एवं जमा प्रवाह ने घरेलू मुद्रा को सहारा दिया, जबकि पश्चिम एशिया की अनिश्चित स्थिति तथा मजबूत डॉलर ने इसे दबाव में डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.42 प्रति डॉलर पर खुला जो पिछले भाव से नौ पैसे की गिरावट है। हालांकि, शुरुआती कारोबार में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.24 से 94.76 के स्तर तक पहुंचा। अंत में रुपया 94.67 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव से 34 पैसे कम था। रुपया शुक्रवार को सात पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.33 पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.88 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा बाजार भाव 1.75 प्रतिशत गिरावट के साथ 79.16 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की नाजुक स्थिति के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बीच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कीमती धातुओं में 1 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली।
सोमवार के सत्र में अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,47,203 रुपए से 2,093 रुपए की गिरावट के साथ 1,45,110 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला और शुरुआती कारोबार में यह 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,48180 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं खबर लिखे जाने तक (सुबह 10.54 बजे के करीब) पीली धातु 849 रुपए या 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,052 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रही थी।
वहीं, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2,715 रुपए यानी 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,35,900 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
चांदी आज के सत्र में अपने पिछले बंद 2,33,185 रुपए से 3,903 रुपए या 1.6 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,37,088 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली और शुरुआती कारोबार में 1.6 प्रतिशत उछलकर 2,37,106 रुपए के दिन के हाई स्तर तक पहुंच गई।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि एमसीएक्स गोल्ड ने 1,46,000 रुपए के आसपास गैप-डाउन शुरुआत की, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आने से इसमें तेजी लौट आई और भाव 1,48,000 से 1,48,400 रुपए के रेजिस्टेंस जोन तक पहुंच गए। यदि कीमतें इस दायरे के ऊपर बनी रहती हैं तो रिकवरी बढ़कर 1,49,500-1,50,000 रुपए और उसके बाद 1,51,000 रुपए तक जा सकती है। वहीं, नीचे की ओर 1,46,000 से 1,45,600 रुपए का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट है। इस स्तर के नीचे गिरावट आने पर भाव 1,45,000 रुपए तक जा सकते हैं।
एक्सपर्ट के अनुसार, फिलहाल बाजार का रुख सतर्क बना हुआ है, हालांकि हालिया रिकवरी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। तेजी को मजबूती देने के लिए कीमतों का 1,48,000 रुपए के ऊपर टिकना और 1,50,000 रुपए के मनोवैज्ञानिक स्तर को फिर से हासिल करना जरूरी होगा।
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