
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं को मजबूती मिली है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी से सोने को सहारा मिल रहा है। वहीं, निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर है, जिनसे फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स 1,53,765 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 1,182 रुपये की बढ़त के साथ 1,54,947 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान सोना 1,185 रुपये यानी 0.77 प्रतिशत चढ़कर 1,54,950 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। इसका निचला स्तर 1,54,323 रुपये रहा।
खबर लिखे जाने तक सोना 895 रुपये यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,54,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, सोना अभी इस साल के रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे है। इसके बावजूद हाल की तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
चांदी में भी खरीदारी का जोर रहा। MCX पर सितंबर डिलीवरी वाली सिल्वर फ्यूचर्स 2,35,659 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 2,314 रुपये की बढ़त के साथ 2,37,973 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। कारोबार के दौरान चांदी 2,612 रुपये यानी 1.10 प्रतिशत बढ़कर 2,38,271 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंची, जबकि इसका निचला स्तर 2,36,500 रुपये रहा। खबर लिखे जाने तक चांदी 1,241 रुपये यानी 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,36,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। हालांकि, यह भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम से काफी नीचे है।
वैश्विक बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में मजबूती रही। कॉमेक्स पर सोना 4,430 डॉलर प्रति औंस पर खुला और कारोबार के दौरान 4,473.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव की तुलना में 32.40 डॉलर की बढ़त है। इसी तरह कॉमेक्स पर चांदी 64.87 डॉलर प्रति औंस पर खुली और बढ़कर 65.90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। चांदी में करीब 0.97 डॉलर प्रति औंस की बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक बाजार की इस मजबूती का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दिया।
बाजार की अगली दिशा तय करने में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े अहम रहने वाले हैं। ये आंकड़े बुधवार को जारी होने हैं। अगर महंगाई में नरमी के संकेत मिलते हैं तो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव हो सकता है। हाल में उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर 48 प्रतिशत रह गई है। हालांकि फेड अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद बने हुए हैं। शिकागो फेड के अध्यक्ष ऑस्टन गूल्सबी ने कहा है कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
सोने और चांदी की कीमतों पर कच्चे तेल का असर भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता और समुद्री जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे में वैश्विक तनावों के बीच सुरक्षित निवेश की मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी की वजह से कीमती धातुओं को लगातार सहारा मिल रहा है।
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