
धनतेरस से पहले सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी, करीब 2 प्रतिशत तक उछल।
एमसीएक्स पर सोना 1,46,109 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,90,946 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर तक पहुंची।
कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ी।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, धनतेरस की खरीदारी और कमजोर डॉलर से कीमतों को सहारा मिल सकता है।
धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव करीब 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना कारोबार के दौरान 1,46,109 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि चांदी ने 1,90,946 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
इस तेजी के पीछे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को मिली हार, डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट को अहम वजह माना जा रहा है। इन घटनाक्रमों के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के विकल्पों की ओर बढ़ा है। धनतेरस से पहले आई इस तेजी ने घरेलू बाजार में भी सोने-चांदी की चमक बढ़ा दी है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र के 1,43,234 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव के मुकाबले 2,546 रुपये यानी 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,45,780 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान इसकी तेजी और बढ़ी तथा भाव 2,875 रुपये यानी 2 प्रतिशत उछलकर 1,46,109 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 1,87,735 रुपये प्रति किलोग्राम से 2,365 रुपये की बढ़त के साथ 1,90,100 रुपये पर खुली। दिन के कारोबार में यह 3,211 रुपये यानी 1.71 प्रतिशत उछलकर 1,90,946 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
वैश्विक बाजार में कॉमेक्स पर सोना करीब 1.91 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,150.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 1.61 प्रतिशत चढ़कर 53.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद डॉलर कमजोर हुआ और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में नरमी आई। इससे सोने और चांदी को समर्थन मिला।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी राजनीतिक समीकरण में बदलाव के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज होने की उम्मीद भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट से महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं। इन परिस्थितियों ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, कॉमेक्स पर सोने के लिए 4,070 से 4,100 डॉलर प्रति औंस का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर कीमतें इस दायरे के ऊपर बनी रहती हैं तो सोना 4,170 से 4,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। तकनीकी तौर पर सोने ने एक साल के निचले स्तर के आसपास से मजबूत वापसी की है और लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की है।
घरेलू बाजार में एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,45,300 से 1,46,000 रुपये का दायरा अहम प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर सोने की कीमत 1,48,000 से 1,48,600 रुपये तक जा सकती है। वहीं चांदी के लिए 1,94,000 से 1,96,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर अगला प्रमुख प्रतिरोध माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, धनतेरस की मांग, कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती जरूरत से फिलहाल सोने-चांदी को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, आगे अमेरिकी रोजगार के आंकड़े और फेडरल रिजर्व से मिलने वाले संकेत इनकी कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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