
भारतीय करेंसी बाजार में आज बड़ी हलचल देखने को मिली, जब रुपया पहली बार इतिहास में डॉलर के मुकाबले 94 के पार पहुंच गया। पिछले स्तर 93.98 के मुकाबले गिरकर रुपया 94.14 पर खुला।
यह गिरावट सिर्फ एक आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था, आयात लागत और महंगाई पर संभावित असर का संकेत भी देती है। वैश्विक बाजार में बढ़ते दबाव और अंतरराष्ट्रीय कारकों के प्रभाव से फिलहाल रुपया कमजोरी के दौर से गुजरता नजर आ रहा है।
Published: undefined
बता दें कि जब से पिछले महीने ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध शुरू हुआ है, तब से रुपया करीब 3.5% तक कमजोर हो चुका है। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और ईरान संकट ने भारतीय रुपये की कमर तोड़ दी है। निवेशकों को डर है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचा, तो तेल की सप्लाई और महंगी हो जाएगी। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से खरीदता है, और जब डॉलर महंगा होता है, तो रुपये की वैल्यू कम हो जाती है।
उधर, शेयर बाजार और ग्लोबल मार्केट में मचे घमासान के बीच भारतीय रुपये में शुक्रवार, 27 मार्च को जोरदार गिरावट आई।
Published: undefined
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined