अर्थतंत्र

अर्थतंत्र की खबरें: मारुति की कारें जून से हुई होंगी महंगी और शेयर बाजार, रुपया और सोना-चांदी का जानें आज का हाल

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसने अपने पूरे मॉडल पोर्टफोलियो में वाहनों की कीमतों में जून से 30,000 रुपये तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया बढ़ती मुद्रास्फीति और लागत में बढ़ोतरी के कारण जून, 2026 से अपने विभिन्न मॉडल की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी करेगी।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसने अपने पूरे मॉडल पोर्टफोलियो में वाहनों की कीमतों में जून से 30,000 रुपये तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया है।

कंपनी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ महीनों से लागत में बढ़ोतरी के प्रभाव को कम करने के लिए कंपनी लागत कटौती उपायों के जरिये लगातार प्रयास कर रही है।"

कंपनी ने कहा कि मुद्रास्फीति का दबाव अब ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है और प्रतिकूल लागत माहौल बना हुआ है। ऐसे में बढ़ी हुई लागत का एक हिस्सा बाजार पर डालना आवश्यक हो गया है, जबकि ग्राहकों पर इसका प्रभाव न्यूनतम रखने का प्रयास जारी रहेगा।

मारुति सुजुकी इंडिया फिलहाल शुरुआती श्रेणी की मारुति सुजुकी एस-प्रेसो से लेकर प्रीमियम यूटिलिटी इनविक्टो बेचती है। इनकी शोरूम कीमत 3.49 लाख रुपये से 28.7 लाख रुपये के बीच है।

Published: undefined

दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टर हड़ताल को ठंडी प्रतिक्रिया, एआईएमटीसी का भारी समर्थन का दावा

पर्यावरण उपकर के विरोध में दिल्ली-एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) की तीन दिवसीय हड़ताल को बृहस्पतिवार को पहले दिन कमजोर समर्थन मिला। केवल कुछ ट्रक चालक सड़क से नदारद रहे हालांकि, एआईएमटीसी ने हड़ताल को ‘‘भारी समर्थन’’ मिलने का दावा किया है।

एआईएमटीसी ने पर्यावरण मुआवजा उपकर में बढ़ोतरी को वापस लेने और बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों पर प्रतिबंध हटाने की मांग की है।

बयान में कहा गया कि सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन लगभग 70,000 ट्रक विभिन्न प्रवेश मार्गों से दिल्ली में प्रवेश करते हैं। हालांकि, हड़ताल अवधि के दौरान आज केवल लगभग 100–200 ट्रक ही दिल्ली में प्रवेश कर पाए, जिनमें अधिकतर वे थे जो हड़ताल शुरू होने से पहले ही अपने गंतव्य की ओर निकल चुके थे।

संस्था ने कहा कि यह हड़ताल में व्यापक भागीदारी और परिवहन क्षेत्र में नीतियों के खिलाफ मजबूत असंतोष को दर्शाता है।

एआईएमटीसी करीब 95 लाख ट्रक चालक और 26 लाख निजी बस, टैक्सी व मैक्सी-कैब संचालकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। साथ ही 3,500 से अधिक तालुका, जिला और राज्य स्तर के परिवहन संघों और संगठनों से जुड़ा है।

Published: undefined

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 135 अंक टूटा, निफ्टी स्थिर

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को शुरुआती तेजी जाती रही और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली से बीएसई सेंसेक्स 135 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में चार अंक की मामूली गिरावट आई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 135.03 अंक यानी 0.18 प्रतिशत टूटकर 75,183.36 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 75,945.79 अंक तक गया और नीचे में 74,996.78 अंक तक आया। यानी इसमें 949.01 अंक का उतार-चढ़ाव आया।

पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,654.70 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व और भारती एयरटेल के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अदाणी पोर्ट्स शामिल हैं।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच वृहद आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता तथा उच्चस्तर पर मजबूत प्रतिरोध के कारण मानक सूचकांकों ने अपनी मजबूत शुरुआती बढ़त खो दी।’’

अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.48 प्रतिशत चढ़ा जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप सेलेक्ट लगभग अपरिवर्तित रहा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार को भी बाजार अस्थिर रहे और लगभग स्थिर बंद हुए। वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच समेकन का दौर जारी है। वैश्विक बाजारों में स्थिरता के चलते निफ्टी मजबूती से खुला। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख शेयरों में बिकवाली के दबाव ने तेजी को सीमित कर दिया और कारोबार आगे बढ़ने के साथ ही सूचकांक धीरे-धीरे नीचे आ गया।’’

Published: undefined

रुपया सर्वकालिक निचले स्तर से उबरा, 49 पैसे चढ़कर 96.37 प्रति डॉलर पर

भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेतों और केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपया बृहस्पतिवार को सर्वकालिक निचले स्तर से उबरा और अंत में 49 पैसे मजबूत होकर 96.37 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद रुपये में मजबूती आई है। हालांकि, निवेशक अब भी भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों को लेकर सतर्क हैं।

उन्होंने बताया कि एक साल के ‘फॉरवर्ड’ बाजार में रुपये की दर बुधवार को महत्वपूर्ण 100 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गई थी। यह संकेत देता है कि बाजार पहले से ही अगले 12 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर रहने का अनुमान जता रहा है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले 96.25 पर खुला। इसके बाद कारोबार के दौरान 96.05 के उच्च और 96.60 के निचले स्तर तक गया। अंत में यह 96.37 प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से 49 पैसे की बढ़त दर्शाता है।

रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 96.86 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 96.95 प्रति डॉलर तक भी टूट गया था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘ भू-राजनीतिक तनाव में कमी के शुरुआती संकेतों और केंद्रीय बैंक के सक्रिय हस्तक्षेप से रुपया संभला है। भविष्य में निवेशकों का ध्यान भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा पर रहेगा।’’

परमार ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.74 से 96.50 के बीच रह सकता है।

Published: undefined

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia

Published: undefined