
विशेषज्ञों ने पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी
केवल उत्साह या परंपरा के आधार पर जल्दबाजी में निवेश निर्णय लेने से बचना चाहिए
मजबूत बनियादी आधार वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश पर विचार करना चाहिए
दिवाली के अवसर पर रविवार को होने वाले पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के लिए बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों और ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि संवत 2083 की शुरुआत भले ही निवेश के लिए शुभ मानी जाती हो, लेकिन केवल उत्साह या परंपरा के आधार पर जल्दबाजी में निवेश निर्णय लेने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हालिया तेज रैली के बाद महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तरों के करीब पहुंच चुके हैं। ऐसे में मुहूर्त ट्रेडिंग के सीमित समय और अपेक्षाकृत कम तरलता (लिक्विडिटी) के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसलिए निवेशकों को स्टॉक-विशिष्ट और सोच-समझकर निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
बाजार के जानकारों का कहना है कि यह सत्र निवेश की शुरुआत करने के साथ-साथ मौजूदा पोर्टफोलियो की समीक्षा के लिए भी उपयुक्त अवसर हो सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों को अपने एसेट एलोकेशन की समीक्षा कर मजबूत बुनियादी आधार वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश पर विचार करना चाहिए। वहीं अल्पकालिक कारोबारियों को तकनीकी स्तरों और वैश्विक संकेतों पर नजर रखकर ही कोई नई पोजिशन बनानी चाहिए।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार, निफ्टी का मूल्यांकन फिलहाल आकर्षक माना जा सकता है। निफ्टी लगभग 17.5 गुना अनुमानित आय (फॉरवर्ड अर्निंग्स) पर कारोबार कर रहा है, जो इसके दीर्घकालिक औसत से लगभग 16 प्रतिशत कम है। हालांकि स्मॉलकैप शेयर अब भी अपने ऐतिहासिक औसत मूल्यांकन से लगभग 25 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में कॉर्पोरेट आय वृद्धि में सुधार होगा। निफ्टी की प्रति शेयर आय (ईपीएस) वित्त वर्ष 2026 में 5 प्रतिशत बढ़ने के बाद वित्त वर्ष 2027 और 2028 में क्रमशः 16 प्रतिशत और 14 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। संवत 2083 के लिए विशेषज्ञों की पसंद में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं, पूंजी बाजार, विनिर्माण, वैश्विक आउटसोर्सिंग, निर्यात आधारित व्यवसाय, उपभोक्ता क्षेत्र और डिजिटल कारोबार प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य उपकरण, एयरोस्पेस, ऑटो कंपोनेंट्स, सक्रिय औषधीय सामग्री (एपीआई), परिधान उद्योग, पोर्ट लॉजिस्टिक्स, संगठित आभूषण कारोबार और क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में भी अवसर दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान बड़े ऑर्डर या अत्यधिक आक्रामक ट्रेडिंग से बचना चाहिए, क्योंकि सीमित समय और कम कारोबार के चलते कीमतों में तेजी से बदलाव हो सकता है।
नए निवेशकों के लिए सलाह है कि वे केवल शुभ अवसर को देखते हुए किसी शेयर में निवेश न करें। इसके बजाय मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में छोटी राशि से शुरुआत करें और लंबी अवधि का नजरिया रखें। तकनीकी दृष्टिकोण से विशेषज्ञों का मानना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। हालिया तेजी के बाद निफ्टी 24,600 के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके लिए 24,350 का स्तर निकटतम समर्थन (सपोर्ट) और 24,700 से 24,800 का दायरा प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र माना जा रहा है।
विश्लेषकों ने यह भी कहा कि लगातार छह कारोबारी सत्रों की बढ़त के बाद बाजार में मुनाफा वसूली देखने को मिल सकती है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी जैसे कारक निकट अवधि में निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बावजूद उनका मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक, विदेशी निवेशकों की वापसी और बेहतर कॉर्पोरेट नतीजे भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक आधार प्रदान कर रहे हैं। इसलिए मुहूर्त ट्रेडिंग में भावनात्मक निवेश के बजाय विवेकपूर्ण और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना अधिक लाभदायक रहेगा।
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