
केंद्रीय बजट के बाद पॉलिसी रेट की पहली समीक्षा में आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। राजस्व वर्ष में महंगाई बढ़ने की वजह से आरबीआई ने रेपो रेट को पहले की तरह बरकरार रखा है। रेपो रेट बिना किसी बदलाव के 5.15 फीसदी पर ही रहेगा। इसके साथ रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। रिवर्स रेपो रेट भी 4.90 प्रतिशत बनी रहेगी। यह लगातार दूसरी बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। जबकि उससे पहले लगातार 5 बार इन दरों में कटौती हुई थी।
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम ने मोदी सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के ऐलान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक मीडिया समूह से बातचीत में कहा कि सरकार को बताना पड़ेगा कि उसे एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने की जरूरत क्यों पड़ी। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि वह एअर इंडिया के विनिवेश का सपोर्ट करते हैं, लेकिन बीपीसीएल का विनिवेश एक घोटाला है। इसलिए उन्हें बताना पड़ेगा कि वे एलआईसी का विनिवेश क्यों कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि अगर वे 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचते हैं तो उन्हें बताना पड़ेगा कि क्या एलआईसी और एअर इंडिया को एक ही तराजू पर रखा जा सकता है?
दिल्ली से ग्रेटर नोएडा में चल रहे ऑटो एक्सपो 2020 में गुरुवार को ऑटोमोबाइल दिग्गज कंपनी हुंडई मोटर इंडिया ने नई क्रेटा एसयूवी को पेश किया। हुंडई मोटर की क्रेटा एसयूवी का सेकंड जेनरेशन वर्जन बॉलीवुड के बादशाह शाहरूख खान ने लॉन्च किया। हुंडई मोटर इंडिया के एएमडी और सीईओ एस.एस. किम ने बताया कि सभी नई क्रेटा को मार्च में लांच किया जाएगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को जनवरी-मार्च तिमाही के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया। आरबीआई ने समग्र खुदरा महंगाई के अनुमान को अत्यधिक अनिश्चित बताया है। आने वाले समय में खाद्य महंगाई, कच्चे तेल की कीमत और सेवाओं के लिए निवेश लागत के आधार पर खुदरा महंगाई का अनुमान तय होगा। आरबीआई ने कहा कि कारोबारी साल 2020-21 की पहली छमाही में खुदरा महंगाई दर घटकर 5-5.4 फीसदी पर आ सकती है। जबकि तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2020) में खुदरा महंगाई की दर घटकर 3.2 फीसदी पर आ सकती है।
इनकम टैक्स ने नए टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स का आंकलन करने के लिए ई-कैलकुलेटर लॉन्च किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रिटर्न फाइल करने के लिए एक नया ई-कैलकुलेटर लॉन्च किया है। इनकम टैक्स के अधिकारियों के मुताबिक इसमें कैलकुलेटर के साथ एक टेबल भी है। यह कैलकुलेटर पुराने और नए टैक्स व्यवस्था को देखते हुए एक टेबल के साथ है, जो दोनों की तुलना करेगा। यह इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर मौजूद है।
इसमें करदाता को सभी स्रोत से होने वाली सालाना कमाई पर मिलने वाले डिडक्शन को डालना होगा। इससे पता चल जाएगा कि पुरानी व्यवस्था में रहने या नई व्यवस्था को चुनने पर उन्हें कितना टैक्स देना होगा। यह कैलकुलेटर नई व्यवस्था में जितना टैक्स का प्रस्ताव दिया गया है उसमें टैक्स डिडक्शन और छूट को कैलकुलेट करके बताएगा। बजट 2020 के बाद किस तरह की कटौती की जाएगी, कौन से लाभ मिलेंगे। ऐसे सभी सुविधाओं को ई-कैलकुलेटर में ध्यान रखा गया है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
Published: 06 Feb 2020, 8:47 PM IST